IIFL Finance ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹805.01 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, तेजी के बीच **₹1,438.95 करोड़** के टैक्स विवाद ने निवेशकों के लिए जोखिम भी खड़ा कर दिया है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹805.01 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹417.94 करोड़ था। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी बढ़कर ₹4,248.21 करोड़ पर पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹3,309.16 करोड़ थी।
मैनेजमेंट में बदलाव और अधिग्रहण
रिजल्ट्स के साथ ही कंपनी ने बड़े बदलाव का ऐलान किया है। R Venkataraman 15 अक्टूबर, 2026 से जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से हटकर नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका संभालेंगे। साथ ही, बोर्ड ने India Infoline Foundation के इंटरनल अधिग्रहण को भी मंजूरी दे दी है।
टैक्स विवाद की चुनौती
कंपनी ने फंड जुटाने के लिए USD 300 मिलियन के सीनियर सिक्योर्ड नोट्स जारी किए हैं, जिन पर 7.60% का फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट मिलेगा। हालांकि, कंपनी के सामने ₹1,438.95 करोड़ का भारी टैक्स डिमांड का संकट भी है। इसमें होल्डिंग कंपनी पर ₹475.56 करोड़ और सब्सिडियरी पर ₹963.39 करोड़ का क्लेम है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
मैनेजमेंट का कहना है कि उन्होंने इन ऑर्डर्स के खिलाफ अपील कर दी है और स्टे ऑर्डर (Stay Order) भी प्राप्त कर लिया है। लेकिन, कोर्ट या ट्रिब्यूनल का फैसला भविष्य में कंपनी की लिक्विडिटी पर असर डाल सकता है, इसलिए निवेशकों को इस कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
