IIFL Finance के लिए बड़ी खबर: ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, बोरोइंग लिमिट ₹75,000 करोड़ हुई

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IIFL Finance के लिए बड़ी खबर: ₹10,000 करोड़ जुटाने की तैयारी, बोरोइंग लिमिट ₹75,000 करोड़ हुई

IIFL Finance ने ₹10,000 करोड़ तक की फंड जुटाने की मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा को ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ कर दिया है। कंपनी ने अपने GMTN प्रोग्राम का विस्तार भी किया है और नए CFO की नियुक्ति की है।

IIFL Finance ने अपने निवेशकों को बड़ी खुशखबरी दी है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10,000 करोड़ तक की राशि जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फंड जुटाने के कई तरीकों से हो सकता है, जैसे पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्राइवेट प्लेसमेंट या QIP (Qualified Institutions Placement)। हालांकि, इस फैसले को मंजूरी के लिए शेयरधारकों की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में पेश किया जाएगा।

बरकरार रखी गई उधार सीमा

इसी के साथ, कंपनी ने अपनी वित्तीय क्षमता को और मजबूत करते हुए उधार लेने और एसेट सिक्योरिटी क्रिएशन की लिमिट को ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ कर दिया है। इतना ही नहीं, कंपनी ने अपने ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम की लिमिट को भी दोगुना करके USD 1 बिलियन से USD 2 बिलियन कर दिया है। इससे कंपनी को इंटरनेशनल डेट मार्केट्स तक बेहतर पहुंच मिलेगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

IIFL Finance के इन फैसलों से साफ है कि कंपनी अपनी कैपिटल बेस और लिक्विडिटी को मजबूत करने की दिशा में एक सक्रिय रणनीति अपना रही है। फंड जुटाने की यह योजना और बढ़ी हुई उधार क्षमता कंपनी को भविष्य में ग्रोथ, अधिग्रहण या रेगुलेटरी कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी मजबूत बनाती है। GMTN प्रोग्राम के विस्तार से फंडिंग के स्रोतों में विविधता लाने और करेंसी रिस्क को मैनेज करने में मदद मिलेगी।

कौन होगा नया CFO?

एक नियोजित लीडरशिप ट्रांज़िशन में, मिस्टर कपिश जैन 26 जून, 2026 को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद से इस्तीफा देंगे और चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे। मिस्टर विकास जैन को 27 जून, 2026 से नए CFO के रूप में नियुक्त किया गया है। मिस्टर विकास जैन के पास फाइनेंस, ट्रेजरी और ऑडिट में दो दशकों से अधिक का अनुभव है और वह पहले Hinduja Leyland Finance, Bajaj Finance और PwC जैसी कंपनियों में काम कर चुके हैं।

निवेशकों के लिए क्या है आगे?

निवेशकों को अब AGM में इन प्रस्तावों की मंजूरी पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। फंड जुटाने के विशेष माध्यमों और समय-सीमा के बारे में कंपनी की अगली घोषणाएं काफी महत्वपूर्ण होंगी।

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