IIFL Finance के बोर्ड ने ₹10,000 करोड़ तक फंड जुटाने और उधार लेने की सीमा को ₹75,000 करोड़ तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। कंपनी ने विकास जैन को नया CFO नियुक्त किया है, जबकि कपीश जैन अब चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर होंगे। यह कदम कंपनी की ग्रोथ के लिए पूंजी और लिक्विडिटी को मजबूत करेगा।
IIFL Finance ने अपने भविष्य के विस्तार और वित्तीय मजबूती के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹10,000 करोड़ तक की राशि विभिन्न सिक्यूरिटीज जारी करके जुटाने की मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा को मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रखा जाएगा।
क्यों उठाया ये कदम?
यह फैसला IIFL Finance की पूंजी और लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए बेहद अहम है। इतनी बड़ी रकम जुटाने और उधार सीमा बढ़ाने से कंपनी को अपने कारोबार का विस्तार करने और बाजार की बदलती परिस्थितियों का सामना करने में मदद मिलेगी। यह कदम कंपनी के भविष्य के विकास की संभावनाओं पर विश्वास भी जताता है।
नए CFO की नियुक्ति
कंपनी ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बोर्ड ने विकास जैन को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। वहीं, मौजूदा CFO कपीश जैन अब चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर (CSO) की भूमिका निभाएंगे। इस बदलाव से कंपनी को नई वित्तीय और रणनीतिक विशेषज्ञता मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की भी तैयारी
IIFL Finance ने अपने ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम को भी 2 बिलियन डॉलर तक बढ़ा दिया है, जो कि पहले 1 बिलियन डॉलर था। इससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय डेट मार्केट से फंड जुटाने में आसानी होगी।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी ₹10,000 करोड़ का फंड कैसे और कब जुटाती है। साथ ही, शेयरधारकों की मंजूरी और नई पूंजी का उपयोग कंपनी के विकास को कैसे गति देता है, यह देखना अहम होगा।
