IIFL Capital Services Open Offer: रेगुलेटरी देरी के बीच निवेशकों को राहत, मिलेगा **10%** सालाना ब्याज

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AuthorAditya Rao|Published at:
IIFL Capital Services Open Offer: रेगुलेटरी देरी के बीच निवेशकों को राहत, मिलेगा **10%** सालाना ब्याज

IIFL Capital Services के ओपन ऑफर की समयसीमा बढ़ा दी गई है। SEBI की मंजूरी के बाद अब एक्वायरर को देरी के लिए निवेशकों को **10%** सालाना ब्याज का भुगतान करना होगा।

ओपन ऑफर की नई समयसीमा

IIFL Capital Services ने FIH Mauritius Investments और HWIC Asia Fund द्वारा लाए जा रहे ओपन ऑफर के लिए रिवाइज्ड टाइमलाइन का ऐलान किया है। यह बदलाव इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) और SEBI से जरूरी मंजूरियां मिलने में हुई देरी के कारण आया है।

निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह खबर?

रेगुलेटरी देरी के कारण जिन निवेशकों का पैसा फंसा हुआ था, उन्हें अब राहत मिलेगी। SEBI के नए निर्देश के अनुसार, सभी मंजूरियां मिलने के 12 वर्किंग दिनों के भीतर टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। वहीं, इस देरी की भरपाई के लिए एक्वायरर को ओपन ऑफर प्राइस पर 10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज देना अनिवार्य कर दिया गया है।

क्या बदला है?

ओपन ऑफर का मूल ढांचा वैसा ही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर नियम सख्त हो गए हैं। टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी होने के 10 वर्किंग दिनों के भीतर शेयरधारकों को भुगतान पूरा करना होगा। कंपनी ने SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के तहत इस प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को अब IRDAI और SEBI से अंतिम अप्रूवल मिलने की तारीख पर नजर रखनी चाहिए। जैसे ही ये अप्रूवल आएंगे, 12 दिनों का काउंटडाउन शुरू हो जाएगा, जिससे बाहर निकलने का अंतिम मौका (Exit Window) स्पष्ट हो जाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.