IFCI Limited ने अपना FY 2025-26 का एनुअल रिपोर्ट जारी किया है। कंपनी ने स्टैंडअलोन प्रॉफिट **₹51.71 करोड़** और कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **₹434.71 करोड़** दर्ज किया है, हालांकि स्ट्रक्चरल चुनौतियों के चलते इस बार कोई डिविडेंड नहीं दिया गया है।
मुनाफे में सुधार के संकेत
IFCI Limited की ताजा एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने अपने मुनाफे में अच्छी बढ़त दिखाई है। पिछले साल के ₹348.61 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बढ़कर ₹434.71 करोड़ हो गया है। वहीं, स्टैंडअलोन प्रॉफिट भी ₹43.80 करोड़ से बढ़कर ₹51.71 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 25 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित करेगी।
रणनीति में बड़ा बदलाव
कंपनी अब नए लोन बांटने के बजाय पूरी तरह से अपने NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) के समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि, वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की जरूरत के चलते कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है। कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) अभी भी नेगेटिव -18.78% पर बना हुआ है, जो पिछले साल के -23.04% की तुलना में सुधार तो है, लेकिन अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय है।
नेतृत्व और शासन
गवर्नेंस के मोर्चे पर, कंपनी ने श्री मणिकुमार शिवरामकृष्णन को डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है, जिनका कार्यकाल 6 अप्रैल, 2026 से 3 साल के लिए प्रभावी है। हालांकि, ऑडिटर्स ने 'Consolidation of IFCI Group' और निवेश मूल्यांकन की प्रक्रियाओं पर 'Emphasis of Matter' जोड़कर पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित करने की ओर इशारा किया है।
आगे क्या?
निवेशकों को 25 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM पर नजर रखनी चाहिए। वोटिंग के लिए कट-ऑफ तारीख 18 सितंबर, 2026 तय की गई है, जबकि बुक क्लोजर 19 सितंबर से 25 सितंबर, 2026 के बीच रहेगा।
