IDFC First Bank की 12वीं AGM में सभी 7 प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। बैंक को डिविडेंड और डेट इश्यू (debt issuance) के लिए भारी समर्थन मिला है, हालांकि इक्विटी इश्यू पर अभी सरकार के फीडबैक का इंतजार है।
भारी बहुमत के साथ प्रस्ताव पास
बैंक की 12वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में निवेशकों ने मैनेजमेंट पर पूरा भरोसा जताया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इक्विटी फंड जुटाने के प्रस्ताव को 99.00% वोट मिले, वहीं डेट इश्यू के लिए 99.93% शेयरधारकों ने अपनी सहमति दी। इस मीटिंग में फाइनेंशियल स्टेटमेंट, डायरेक्टर की री-अपॉइंटमेंट और डिविडेंड जैसे अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
भले ही शेयरधारकों ने कैपिटल रेजिंग और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में बदलाव के प्रस्तावों को पास कर दिया है, लेकिन बैंक ने साफ किया है कि Resolution 5 और Resolution 7 पर आगे की कार्रवाई के लिए भारत सरकार से तालमेल जरूरी है। बैंक ने कहा है कि सरकार से सपोर्ट मिलने के बाद ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह मंजूरी बैंक के लिए अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ करती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बैंक कब और किस तरह से फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू करता है और सरकार के साथ बातचीत का क्या नतीजा निकलता है।
