CRISIL Ratings ने IDFC First Bank की 'CRISIL AAA' और 'CRISIL AA+' रेटिंग को बरकरार रखा है। बैंक की मजबूत डिपॉजिट फ्रेंचाइजी और बेहतर होती एसेट क्वालिटी ने रेटिंग को सपोर्ट किया है, हालांकि बढ़ते ऑपरेटिंग खर्च निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बने हुए हैं।
रेटिंग की मजबूती
CRISIL Ratings ने IDFC First Bank के फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए 'CRISIL AAA' और टियर-II बॉन्ड्स के लिए 'CRISIL AA+' रेटिंग को फिर से कन्फर्म किया है। बैंक के पास ₹1,60,000 करोड़ का फिक्स्ड डिपॉजिट प्रोग्राम और ₹45,000 करोड़ का सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्रोग्राम है, जिस पर यह रेटिंग लागू होती है।
बैंक की परफॉर्मेंस के मुख्य आंकड़े
बैंक का डिपॉजिट बेस काफी मजबूत हुआ है। 30 जून, 2026 तक बैंक का CASA रेशियो बढ़कर 50.8% हो गया है, जिससे होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम हुई है। एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी सुधार दिखा है, जहाँ ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) गिरकर 1.51% पर आ गए हैं। बैंक की कुल एसेट्स भी बढ़कर ₹4,20,790 करोड़ हो गई हैं।
चुनौतियां और जोखिम
बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 1.1% रहा है, लेकिन ऑपरेटिंग खर्चों का दबाव अब भी बना हुआ है। बैंक के स्केल-अप और क्रेडिट कॉस्ट मैनेजमेंट के बीच बैलेंस बनाना आने वाले समय में प्रॉफिटेबिलिटी के लिए अहम होगा। बैंक का टियर-1 कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 13.3% और ओवरऑल CAR 15.1% पर मजबूत बना हुआ है।
आगे की राह
निवेशकों को अब बैंक के रिटेल डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो की एसेट क्वालिटी पर नजर रखनी चाहिए, जो बैंक की आगे की ग्रोथ के लिए निर्णायक साबित होंगे।
