IDFC First Bank Q2 FY27: कर्ज बांटने में बैंक ने भरी हुंकार, Gross Advances **29.9%** उछलकर **₹3.38 लाख करोड़** के पार

BANKINGFINANCE
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IDFC First Bank Q2 FY27: कर्ज बांटने में बैंक ने भरी हुंकार, Gross Advances **29.9%** उछलकर **₹3.38 लाख करोड़** के पार

IDFC First Bank ने Q2 FY27 के अपने शुरुआती नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का ग्रॉस एडवांसेज सालाना आधार पर **29.9%** बढ़कर **₹3,38,749 करोड़** पर पहुंच गया है, जो बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ को दर्शाता है।

डिपॉजिट्स में भी दमदार बढ़ोतरी

बैंक का कुल डिपॉजिट 25.9% बढ़कर ₹3,48,582 करोड़ हो गया है। इसमें सबसे खास बात यह रही कि बैंक ने इस तिमाही में ₹34,390 करोड़ के FCNR(B) डिपॉजिट जुटाए हैं।

क्यों है यह बैंक के लिए अहम?

मैनेजमेंट ने अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने के लिए एक स्मार्ट रणनीति अपनाई है। बैंक अब महंगे डिपॉजिट और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट्स (CDs) पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है। इसके तहत बल्क रुपी टर्म डिपॉजिट्स को 17.1% से घटाकर 13.9% कर दिया गया है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के नए आंकड़े

लिक्विडिटी के मोर्चे पर बैंक काफी कंफर्टेबल नजर आ रहा है। लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) पिछले तिमाही के 116% से बढ़कर 125% पर पहुंच गया है। वहीं, एडजस्टेड CASA रेशियो सुधरकर 51.3% हो गया है, जो यह बताता है कि बैंक को रिटेल डिपॉजिट्स जुटाने में लगातार सफलता मिल रही है। घरेलू क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो 89.9% पर स्थिर है।

अब निवेशकों की नजर बैंक के ऑडिटेड नतीजों पर है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि इन लिक्विडिटी मैनेजमेंट फैसलों का असर बैंक की नेट प्रॉफिटेबिलिटी पर कैसा पड़ा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.