IDBI Bank के निजीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार और LIC ने अपनी **60.72%** हिस्सेदारी Fairfax Financial Holdings की इकाई, 10955230 Canada Inc. को बेचने को मंजूरी दे दी है। यह सौदा **₹52,878 करोड़** के भारी-भरकम वैल्युएशन पर हुआ है।
क्या है सौदे की अहमियत?
कैबिनेट कमिटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने Fairfax Financial Holdings की सब्सिडियरी, 10955230 Canada Inc. को रणनीतिक पार्टनर के रूप में चुना है। बोलीदाताओं ने ₹81 प्रति शेयर की दर से बिडिंग की है, जो कि ₹75.99 के बेंचमार्क प्राइस से काफी ज्यादा है। यह डील भारतीय बैंकिंग सेक्टर में एक बड़े रिफॉर्म के तौर पर देखी जा रही है, क्योंकि अब सरकारी बैंक पूरी तरह से प्राइवेट मैनेजमेंट के हाथों में जाएगा।
आगे की प्रक्रिया और चुनौतियां
अब यह सौदा रेगुलेटरी क्लीयरेंस के चरण में है। खरीदार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कठिन 'Fit and Proper' असेसमेंट परीक्षा को पास करना होगा। इस डील के पूरा होते ही सरकार और LIC का मैनेजमेंट पर कंट्रोल खत्म हो जाएगा और उनके नॉमिनी बोर्ड से इस्तीफा दे देंगे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
सरकार अपनी शेष 15% हिस्सेदारी को ओपन मार्केट के जरिए बेचेगी, जबकि LIC अपनी 19% बची हुई हिस्सेदारी को अपनी आंतरिक नीतियों के अनुसार मैनेज करेगी। निवेशकों को अब RBI की मंजूरी और शेयर ट्रांसफर की टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि इस प्रक्रिया में कोई भी देरी मार्केट सेंटिमेंट पर असर डाल सकती है।
