IDBI Bank के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। CARE Ratings ने बैंक के **₹35,000 करोड़** के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्रोग्राम के लिए 'CARE A1+' रेटिंग को बरकरार रखा है। Q1FY27 में बैंक ने **₹2,115 करोड़** का मुनाफा कमाया है।
क्या है रेटिंग का मतलब?
CARE Ratings ने IDBI Bank के ₹35,000 करोड़ के सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्रोग्राम के लिए अपनी टॉप रेटिंग 'CARE A1+' को फिर से दोहराया है। यह रेटिंग बैंक की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी और कर्ज चुकाने की क्षमता पर भरोसे को दर्शाता है।
बैंक की मौजूदा सेहत
बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 26.92% पर बना हुआ है, जो रेगुलेटरी नॉर्म्स से काफी ऊपर है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) में बैंक ने ₹2,115 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि टोटल इनकम ₹8,573 करोड़ रही है। बैंक की ग्रॉस NPA स्थिति भी सुधरकर 2.30% पर आ गई है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
बैंक अब अपना ध्यान रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME (RAM) सेक्टर पर शिफ्ट कर रहा है, जो अब कुल एडवांसेज का 70% हिस्सा बन चुका है। इसके पीछे LIC और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर दी गई पूंजी का बड़ा योगदान है।
मार्जिन पर दबाव और आगे का रास्ता
हालांकि सब कुछ पॉजिटिव नहीं है। डिपॉजिट की लागत बढ़ने के कारण नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटकर 3.06% रह गया है। इसके अलावा, निवेशकों की नजरें सरकार और LIC द्वारा बैंक में हिस्सेदारी बेचने (Divestment) की प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे मैनेजमेंट कंट्रोल में बदलाव की उम्मीद है।
