ICRA ने IDBI Bank की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को [ICRA]AA (Stable) और शॉर्ट-टर्म रेटिंग को [ICRA]A1+ पर बरकरार रखा है। बैंक के **26.92%** के मजबूत CRAR और बेहतर ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को देखते हुए यह रेटिंग दी गई है, हालांकि विनिवेश (Divestment) प्रक्रिया पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
बैंक की वित्तीय सेहत पर मुहर
ICRA ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि IDBI Bank की स्थिति स्थिर बनी हुई है। बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 120.87% है, जो इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। रेटिंग एजेंसी ने ₹2,900 करोड़ के उन बॉन्ड्स की रेटिंग को वापस ले लिया है, जिन्हें बैंक पहले ही चुका चुका है।
क्यों भरोसेमंद है बैंक?
बैंक का स्टैंडअलोन क्रेडिट प्रोफाइल काफी मजबूत दिख रहा है। 30 जून 2026 तक बैंक का CET I रेशियो 26.38% रहा है, जो किसी भी तरह के मार्केट उतार-चढ़ाव को झेलने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। बैंक के नेट प्रॉफिट में भी सुधार हुआ है और फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹9,512 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।
क्या हैं चुनौतियां?
निवेशकों को इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- NIM पर दबाव: फंड की बढ़ती लागत (Cost of Funds) के कारण नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
- एक्सपोज़र रिस्क: बैंक के टॉप 20 एक्सपोज़र CET I का 114% हैं, जिस पर निगरानी जरूरी है।
- विनिवेश का असर: भारत सरकार और LIC द्वारा हिस्सेदारी बेचने (Stake Sale) की प्रक्रिया अभी जारी है, जिससे भविष्य में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
बैंक का डिपॉजिट बेस ₹3,25,757 करोड़ के स्तर पर है। आने वाले समय में बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि बैंक डिपॉजिट जुटाने में कैसी रफ्तार दिखाता है और नए स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स को लेकर क्या आधिकारिक ऐलान होता है।
