भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने LIC को ICICI Bank में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **9.99%** तक करने की मंजूरी दे दी है। यह रेगुलेटरी क्लियरेंस **4 सितंबर, 2027** तक के लिए वैध है, जो बैंक में बड़े संस्थागत निवेश का संकेत है।
RBI का बड़ा फैसला
ICICI Bank ने BSE को सूचित किया है कि RBI ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) को बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग अधिकारों में 9.99% तक की हिस्सेदारी हासिल करने की इजाजत दे दी है। बैंक को यह आधिकारिक सूचना 5 सितंबर, 2026 को प्राप्त हुई, जबकि केंद्रीय बैंक ने मंजूरी पत्र 4 सितंबर, 2026 को जारी किया था।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
LIC जैसे दिग्गज घरेलू संस्थान का बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना एक बड़े भरोसे का संकेत है। रिटेल निवेशकों के लिए यह खबर बैंक के मजबूत ऑपरेशंस, रिस्क मैनेजमेंट और ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड पर एक तरह की 'मुहर' की तरह है। इससे बाजार में बैंक के प्रति संस्थागत समर्थन का संदेश जाएगा।
जरूरी शर्तें और समयसीमा
यह मंजूरी बिना शर्त नहीं है। RBI के निर्देशानुसार, LIC को अगले एक साल के भीतर यह खरीदारी पूरी करनी होगी। यदि इस तय समयसीमा के भीतर लक्ष्य हासिल नहीं किया जाता है, तो यह मंजूरी अपने आप समाप्त हो जाएगी। साथ ही, इस निवेश को बैंकिंग सेक्टर के सभी वैधानिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
आगे क्या ट्रैक करें?
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को बैंक की शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर रखनी चाहिए। LIC कितनी तेजी से यह 9.99% का लक्ष्य पूरा करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि बाजार में लिक्विडिटी और स्टॉक के सेंटीमेंट पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
