ICICI Bank ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन प्रॉफिट (PAT) **20.1%** बढ़कर **₹14,843 करोड़** हो गया है, जबकि लोन बुक में **30%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
मुनाफे की रफ्तार और ग्रोथ
ICICI Bank ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹14,843 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी सालाना आधार पर 17.7% बढ़कर ₹25,339 करोड़ रही। बैंक का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 22.3% के उछाल के साथ ₹16,333 करोड़ (163.33 बिलियन रुपये) दर्ज किया गया है।
एसेट क्वालिटी और लोन बुक
बैंक की लोन बुक में 30% की जबरदस्त तेजी आई है। इसमें डोमेस्टिक कॉर्पोरेट लोन 30.6% और बिजनेस बैंकिंग में 33.8% की दमदार ग्रोथ देखने को मिली है। एसेट क्वालिटी पर गौर करें तो, नेट NPA का अनुपात पिछले साल के 0.39% से गिरकर 0.3% पर आ गया है, जो बैंक की मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है।
मार्जिन पर दबाव का कारण
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले तिमाही के 4.36% से गिरकर 4.18% पर आ गया है। मैनेजमेंट ने इसके पीछे $18 बिलियन की FCNR (B) डिपॉजिट्स को जुटाने की रणनीति को जिम्मेदार बताया है। हालांकि इसे एक लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक कदम माना जा रहा है ताकि NRI फ्रेंचाइजी को मजबूत किया जा सके।
आगे की चुनौतियां और उम्मीदें
तीसरी तिमाही (Q3) में मार्जिन पर थोड़ा और दबाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि FCNR डिपॉजिट्स का पूरा असर तब दिखाई देगा। बैंक का फोकस फिलहाल रिस्क-कैलिब्रेटेड ग्रोथ पर है और CET-1 कैपिटल रेशियो 16.01% के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब चौथी तिमाही (Q4) में मार्जिन रिकवरी पर टिकी होगी।
