सितंबर तिमाही में Hybrid Financial Services ने दमदार प्रदर्शन करते हुए **₹1.16 करोड़** का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। कंपनी अब स्टॉक ब्रोकिंग मॉडल की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रही है।
फाइनेंशियल नतीजों का लेखा-जोखा
Hybrid Financial Services के लिए सितंबर तिमाही बेहद अहम रही है। कंपनी का टोटल इनकम बढ़कर ₹2.04 करोड़ हो गया है, जो पिछली तिमाही में ₹1.51 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछली तिमाही के ₹0.58 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹1.16 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक शानदार उछाल है। इन नतीजों में Maximus Securities Limited का कंसोलिडेशन भी शामिल है।
नई रणनीति: स्टॉक ब्रोकिंग की ओर रुख
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया है और अब वे 'स्टॉक ब्रोकिंग और उससे जुड़ी सर्विसेज' पर अपना फोकस कर रहे हैं। जून 2026 में SEBI से रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद, कंपनी ने BSE की ट्रेडिंग और सेल्फ-क्लियरिंग मेंबरशिप भी हासिल कर ली है।
आगे की राह और चुनौतियां
फिलहाल कंपनी NSE और NSDL से अप्रूवल का इंतजार कर रही है। इन मंजूरियों के बाद ही कंपनी फुल-स्केल ब्रोकरेज सेवाएं शुरू कर पाएगी। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी की ग्रोथ काफी हद तक इन रेगुलेटरी अप्रूवल्स की रफ्तार पर टिकी है। इसके अलावा, ब्रोकिंग बिजनेस में मार्केट की वॉल्यूम और उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ेगा। अब नजरें NSE की मंजूरी और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च होने की खबरों पर टिकी रहेंगी।
