Home First Finance Company India Ltd: AGM से पहले बड़े फैसले!
Home First Finance Company India Ltd (HFFC) ने 24 जून 2026 को होने वाली अपनी 17वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) से पहले शेयरधारकों के लिए कई बड़े प्रस्तावों का ऐलान किया है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹5.20 का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का सुझाव दिया है।
क्यों अहम हैं ये फैसले?
सबसे बड़ा ऐलान कंपनी के लोन लेने की सीमा को ₹15,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹20,000 करोड़ करने का है। यह कदम कंपनी की आक्रामक विस्तार योजनाओं और लोन बांटने की क्षमता को बढ़ाने की मंशा को दिखाता है। इसके अलावा, कंपनी ने M/s. Batliboi & Purohit को तीन साल के लिए ज्वाइंट स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Joint Statutory Auditor) नियुक्त करने का भी प्रस्ताव रखा है। यह नियुक्ति RBI के नियमों के अनुसार जरूरी हो गई है, क्योंकि कंपनी का एसेट साइज ₹15,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
31 मार्च 2026 तक, Home First Finance Company का कुल एसेट साइज ₹15,166.5 करोड़ था, जबकि बकाया बोरिंग्स (Borrowings) ₹10,590 करोड़ थी। नए नियम के तहत, एक सिंगल ऑडिटर की जगह ज्वाइंट ऑडिटर की नियुक्ति की गई है, जो कंपनी के बढ़ते स्केल को दर्शाता है।
आगे क्या?
शेयरधारक AGM में इन प्रस्तावों पर वोट करेंगे। यदि प्रस्ताव पारित हो जाते हैं, तो बढ़ी हुई लोन सीमा कंपनी को भविष्य में और अधिक वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगी। ज्वाइंट ऑडिटर की नियुक्ति से ऑडिट प्रक्रिया और मजबूत होगी। निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर होंगी कि कंपनी इस बढ़ी हुई क्षमता का उपयोग कैसे करती है और आने वाली तिमाहियों में इसके वित्तीय प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है।
