Hiliks Technologies: ₹24.84 करोड़ जुटाने की तैयारी, प्रेफरेंशियल इश्यू लाएगी कंपनी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Hiliks Technologies: ₹24.84 करोड़ जुटाने की तैयारी, प्रेफरेंशियल इश्यू लाएगी कंपनी

Hiliks Technologies ने **₹24.84 करोड़** जुटाने के लिए प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) का ऐलान किया है। कंपनी **2.3 मिलियन इक्विटी शेयर** और **1.15 मिलियन वारंट** जारी करेगी, जिनकी कीमत **₹72 प्रति यूनिट** रखी गई है। इस फंड का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। साथ ही, कंपनी ने पिछली फाइलिंग में हुई एक क्लैरिकल गलती को भी सुधारा है।

Hiliks Technologies का ₹24.84 करोड़ का प्रेफरेंशियल इश्यू प्लान

Hiliks Technologies लिमिटेड ने इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए ₹24.84 करोड़ जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी 23,00,000 इक्विटी शेयर और 11,50,000 कन्वर्टिबल वारंट ₹72 प्रति यूनिट के इश्यू प्राइस पर जारी करेगी।

मुख्य बातें

  • पूंजी जुटाना: कंपनी का लक्ष्य ₹24.84 करोड़ का फंड जुटाना है।
  • शेयरों का ऑफर: 2.3 मिलियन इक्विटी शेयर और 1.15 मिलियन कन्वर्टिबल वारंट नॉन-प्रमोटर्स को ऑफर किए जाएंगे।
  • इश्यू प्राइस: प्रति यूनिट ₹72 तय किया गया है, जिसमें ₹10 फेस वैल्यू और ₹62 का प्रीमियम शामिल है।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?

यह फंड जुटाने की कवायद कंपनी के वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए की जा रही है। प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कंपनी को रेगुलेटरी अप्रूवल और शेयरधारकों की सहमति से तय कीमत पर विशिष्ट निवेशकों से फंड जुटाने की सुविधा मिलती है।

पिछली गलती का सुधार

एक अलग घोषणा में, Hiliks Technologies ने 2 जुलाई, 2026 की पिछली फाइलिंग में हुई एक क्लैरिकल गलती को सुधारने के लिए एक संशोधित नोटिस जारी किया। यह गलती मिसेज मनोहरबेन जमनालाल काबरा की पोस्ट-प्रेफरेंशियल इश्यू शेयरहोल्डिंग को लेकर थी, जिसे गलत बताया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह एक फाइलिंग एरर थी और इससे किसी भी रेजोल्यूशन या वोटिंग पर कोई असर नहीं पड़ा।

आगे क्या होगा?

इस प्रेफरेंशियल इश्यू को सदस्यों की स्पेशल रेजोल्यूशन के माध्यम से मंजूरी मिलनी बाकी है। आवंटित इक्विटी शेयरों पर 6 महीने की लॉक-इन अवधि लागू होगी। वहीं, कन्वर्टिबल वारंट को 18 महीनों के भीतर एक्सरसाइज करना होगा। इक्विटी शेयरों के लिए पूरा भुगतान करना होगा, जबकि वारंट के लिए कम से कम 25% का भुगतान अग्रिम रूप से करना होगा।

जोखिम

इस इश्यू की सफलता के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल और शेयरधारकों की सहमति महत्वपूर्ण हैं। साथ ही, निर्धारित समय-सीमा के भीतर वारंट का कन्वर्जन भी एक अहम फैक्टर होगा।

संदर्भ मेट्रिक्स

  • कुल राशि: ₹24.84 करोड़
  • प्रस्तावित इक्विटी शेयर: 23,00,000
  • प्रस्तावित कन्वर्टिबल वारंट: 11,50,000
  • इश्यू प्राइस: ₹72 प्रति यूनिट

आगे क्या ट्रैक करें?

निवेशक प्रेफरेंशियल इश्यू के लिए शेयरधारक की मंजूरी और उसके बाद शेयरों व वारंट के आवंटन पर बारीकी से नजर रखेंगे। जुटाए गए फंड का कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन में उपयोग महत्वपूर्ण होगा।

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