Hiliks Technologies लिमिटेड शेयरधारकों से ₹24.84 करोड़ जुटाने के लिए एक प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) की तैयारी कर रही है। इस इश्यू में इक्विटी शेयर और वॉरंट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल और अन्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
Hiliks Technologies का ₹24.84 करोड़ जुटाने का प्लान
कंपनी ने 23 लाख इक्विटी शेयर और 11.5 लाख कन्वर्टिबल वॉरंट जारी करने की घोषणा की है। इस इश्यू के ज़रिए ₹24.84 करोड़ जुटाए जाएंगे।
इश्यू की डिटेल्स
- कुल इश्यू साइज: ₹24.84 करोड़
- इक्विटी शेयर्स: 23,00,000 शेयर्स (जिससे ₹16.56 करोड़ आएंगे)
शेयर और वॉरंट का इश्यू प्राइस ₹72 प्रति शेयर/वॉरंट तय किया गया है, जो 10-दिन के VWAP ₹63.79 से ऊपर है।
क्यों ज़रूरी है यह फंड जुटाना?
यह फंड जुटाना Hiliks Technologies के लिए काफी अहम है। इससे कंपनी को अपने वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने और बिज़नेस ऑपरेशन्स को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि, निवेशकों के लिए यह प्रमोटर होल्डिंग में संभावित डाइल्यूशन (Dilution) का संकेत भी है।
क्या होगा आगे?
शेयरहोल्डर्स से मंजूरी के लिए पोस्टल बैलट वोटिंग आज, 1 अगस्त, 2026 को समाप्त हो रही है, और नतीजे 4 अगस्त, 2026 तक आने की उम्मीद है। इसके सफल होने पर, कंपनी शेयर और वॉरंट अलॉट करेगी। इन शेयर्स पर 6 महीने का लॉक-इन पीरियड होगा, जबकि वॉरंट अलॉटमेंट के 18 महीनों के अंदर कन्वर्ट किए जा सकते हैं।
किन बातों का ध्यान रखें?
- प्रमोटर डाइल्यूशन: इश्यू के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 4.65% से घटकर 3.52% (पूरी तरह से डाइल्यूटेड बेसिस पर) रह सकती है।
- वॉरंट लैप्स का रिस्क: अगर अलॉटीज़ 18 महीनों के अंदर वॉरंट कन्वर्ट नहीं करते हैं, तो उन्हें दिया गया एडवांस अमाउंट कंपनी जब्त कर लेगी।
