Hi-Klass Trading and Investment में बड़ी हलचल देखने को मिली है। कृष्णा काबरा और उनसे जुड़े लोगों ने ओपन मार्केट में **7.3 लाख** शेयर बेचकर अपनी हिस्सेदारी **15.22%** से घटाकर **12.80%** कर ली है।
हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव
7 अक्टूबर 2026 को हुए इस सौदे के बाद कृष्णा काबरा और उनके साथ काम करने वाले लोगों (PAC) की होल्डिंग में कमी आई है। ग्रुप ने स्पष्ट किया है कि वे कंपनी के प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा नहीं हैं। इस बिकवाली के बाद भी ग्रुप के पास 38,69,568 शेयर मौजूद हैं।
वारंट्स पर नजर (Warrants Insight)
दिलचस्प बात यह है कि ग्रुप के पास अभी भी 30 लाख वारंट्स पेंडिंग हैं, जिनका कन्वर्जन होना बाकी है। कंपनी की कुल इक्विटी शेयर कैपिटल ₹3,02,17,400 है, जिसका फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर है। अगर ये वारंट्स पूरी तरह इक्विटी में बदल जाते हैं, तो कंपनी की डाइल्यूटेड शेयर कैपिटल बढ़कर ₹3,35,12,400 हो जाएगी।
निवेशकों के लिए संकेत
एक नॉन-प्रमोटर बड़े शेयरहोल्डर द्वारा की गई यह बिकवाली बाजार में लिक्विडिटी के नजरिए से अहम है। निवेशकों को अब यह ट्रैक करने की जरूरत है कि क्या यह सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग है या आगे और भी बिकवाली हो सकती है। इसके अलावा, वारंट्स के कन्वर्जन से जुड़ी खबरों पर भी पैनी नजर बनाए रखनी होगी।
