Hem Holdings & Trading ने FY26 में **₹0.61 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन कंपनी ने अपना NBFC लाइसेंस सरेंडर करने का फैसला लिया है। यह फैसला RBI के मानकों को पूरा न कर पाने के कारण लिया गया है।
मुनाफे का गणित और लाइसेंस पर संकट
Hem Holdings & Trading Ltd ने बीते फाइनेंशियल ईयर में शानदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी ने FY26 में ₹61.15 लाख का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि पिछले साल कंपनी को ₹120.31 लाख का भारी नुकसान हुआ था। हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है, क्योंकि कंपनी ने अपने NBFC लाइसेंस को सरेंडर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस कदम के पीछे मुख्य वजह RBI की ओर से तय किए गए 'नेट ओन्ड फंड' (Net Owned Fund) के नियमों का पालन न कर पाना है।
गवर्नेंस में खामियां
ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं। कंपनी ने बोर्ड में बदलाव करने के लिए RBI की अनिवार्य मंजूरी नहीं ली थी। इसके अलावा, कंपनी ने 43वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए जरूरी अखबारों में विज्ञापन भी नहीं दिए, जो नियमों का उल्लंघन है।
कंपनी का कामकाज और भविष्य
इस साल कंपनी का कुल खर्च घटकर ₹10.18 लाख रह गया, जो पिछले साल ₹157.77 लाख था। कंपनी का कुल इनकम बढ़कर ₹71.34 लाख तक पहुंच गया है। अब निवेशकों की नजरें 29 सितंबर 2026 को होने वाली 44वीं AGM पर हैं। लाइसेंस सरेंडर करने के बाद कंपनी अपने बिजनेस मॉडल में क्या बदलाव करती है, यह देखना अहम होगा।
