Hem Holdings & Trading Ltd के लिए जून 2026 की तिमाही नतीजों ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी ने शून्य रेवेन्यू पर **₹2.60 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। इस लॉस का एक बड़ा कारण **₹2.52 करोड़** का एक एक्सेप्शनल आइटम रहा। अब कंपनी RBI के नियमों का पालन करने के लिए अपने नेट ओन्ड फंड (Net Owned Fund) को **₹10 करोड़** तक बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसकी डेडलाइन 30 सितंबर 2026 है।
Hem Holdings का बड़ा झटका: रेवेन्यू शून्य, घाटा ₹2.60 करोड़
Hem Holdings & Trading Ltd ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का परफॉरमेंस बेहद निराशाजनक रहा, जहां ऑपरेशन्स से रेवेन्यू पूरी तरह शून्य रहा। पिछले साल की समान अवधि में ₹0.21 करोड़ (₹20.71 लाख) का रेवेन्यू था, जो इस बार घटकर ₹0.00 करोड़ (₹0.00 लाख) हो गया।
घाटे पर बढ़ी चिंता, एक्सेप्शनल आइटम का बड़ा असर
खराब रेवेन्यू के बीच, कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹2.60 करोड़ (₹259.55 लाख) हो गया। इस तिमाही में एक ₹2.52 करोड़ (₹252.21 लाख) के एक्सेप्शनल आइटम ने घाटे को और बढ़ा दिया। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह कंपनी के ऑपरेशनल हेल्थ पर सवाल खड़े करती है।
RBI के नियमों का पालन, ₹10 करोड़ जुटाने की तैयारी
यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि Hem Holdings को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का पालन करना है। कंपनी को 30 सितंबर 2026 तक अपना नेट ओन्ड फंड (NOF) बढ़ाकर ₹10 करोड़ करना होगा। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस पूंजी को जुटाने के लिए जरूरी कदम उठाने को मंजूरी दे दी है। मैनेजमेंट को इस टारगेट को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के अधिकार दिए गए हैं।
आगे क्या? RBI के नियमों का पालन और रेवेन्यू बढ़ाना मुख्य चुनौती
अब निवेशकों की नजरें कंपनी की पूंजी जुटाने की क्षमता पर होंगी। क्या Hem Holdings समय सीमा तक ₹10 करोड़ जुटा पाएगी, यह देखना अहम होगा। इसके साथ ही, कंपनी के लिए टिकाऊ रेवेन्यू जेनरेट करना भी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी, खासकर जब मौजूदा तिमाही में रेवेन्यू शून्य रहा है।
