Hasti Finance Ltd ने अपनी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का एलान कर दिया है। 30 सितंबर, 2026 को होने वाली इस बैठक में MD नितिन प्रभुदास सोमानी के री-अपॉइंटमेंट और कंपनी की खराब फाइनेंशियल हालत पर चर्चा होगी।
फाइनेंशियल संकट में कंपनी
Hasti Finance के लिए मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹6.26 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹8.46 करोड़ था। कंपनी की नेट वर्थ घटकर अब महज ₹5.63 करोड़ रह गई है, जो पहले ₹11.89 करोड़ हुआ करती थी। वहीं, ग्रॉस इनकम में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो सिमटकर ₹17.58 लाख पर आ गई है।
रेगुलेटरी सवालों के घेरे में मैनेजमेंट
AGM में शेयरहोल्डर्स नितिन प्रभुदास सोमानी को अगले 5 साल (1 अक्टूबर, 2026 से 30 सितंबर, 2031 तक) के लिए MD के तौर पर फिर से नियुक्त करने पर विचार करेंगे। लेकिन, कंपनी की राह आसान नहीं है। ऑडिटर्स ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- SEBI के नियमों का उल्लंघन: कंपनी अपनी वेबसाइट को सही ढंग से मेंटेन नहीं कर पा रही है और न ही समय पर फाइनेंशियल रिजल्ट पब्लिश कर रही है।
- इंटरनल ऑडिट का अभाव: जरूरी इंटरनल ऑडिटर और कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति में देरी के चलते कंपनी पर जुर्माना भी लगा है।
- अन्य चूक: एनुअल लिस्टिंग फीस और कैपिटल ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने में देरी के साथ-साथ स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डेटाबेस भी अधूरा पाया गया है।
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स के पास 27 से 29 सितंबर, 2026 तक ई-वोटिंग का मौका होगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी इन रेगुलेटरी खामियों को दूर करने और कारोबार को पटरी पर लाने के लिए क्या ठोस रणनीति अपनाती है।
