Haryana Capfin Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नेट प्रॉफिट पेश किया है, जो बढ़कर **₹9.76 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, कंपनी के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है क्योंकि ऑडिटर्स ने RBI के **15%** कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) के नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठाए हैं।
मुनाफे में इजाफा, लेकिन चिंता बरकरार
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने सालाना नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें नेट प्रॉफिट ₹976.15 लाख दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹522.09 लाख था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू ₹752.96 लाख से घटकर ₹643.64 लाख पर आ गया है। इस साल कंपनी ने किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
RBI के नियमों पर 'रेड फ्लैग'
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑडिटर्स द्वारा उठाया गया मुद्दा है। इंडिपेंडेंट ऑडिटर की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कंपनी RBI के 'स्केल बेस्ड रेगुलेशन' के तहत जरूरी 15% का मिनिमम कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CAR) बनाए रखने में नाकाम रही है। एक NBFC के लिए यह एक गंभीर गवर्नेंस मुद्दा है।
AGM और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी अपनी 28वीं AGM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 25 सितंबर 2026 को आयोजित करेगी। कंपनी में बड़े प्रशासनिक बदलाव भी हुए हैं:
- विजय कौशिक: चेयरमैन नियुक्त किए गए हैं।
- राम जी निगम: फरवरी में एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए।
- श्रुति राघव जिंदल: होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर पुनः नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगी जाएगी।
- संध्या तिवारी: कंपनी सेक्रेटरी का पद संभाला है।
महत्वपूर्ण फाइनेंशियल इंडिकेटर्स
कंपनी के अन्य आंकड़ों पर नजर डालें तो ब्याज कवरेज अनुपात 130.36 है, जबकि डेब्ट-इक्विटी रेश्यो 0.07 पर है। वहीं, नेट प्रॉफिट मार्जिन 151.66% रहा है। निवेशकों की नजर अब आगामी AGM पर होगी, जहां मैनेजमेंट की ओर से RBI के नियमों को पूरा करने की भविष्य की रणनीति पर जवाब मिल सकता है।
