ग्लोबल रेटिंग एजेंसी Moody's Ratings ने HUDCO की रेटिंग को 'Baa3' पर बरकरार रखा है और आउटलुक 'स्टेबल' दिया है। इस फैसले के पीछे कंपनी को मिलने वाला सरकारी समर्थन और बेहतर होती फाइनेंशियल हेल्थ मुख्य वजह है।
रेटिंग बरकरार रहने के मायने
Moody's Ratings ने HUDCO के इश्यूअर रेटिंग्स को Baa3 पर स्थिर रखा है। यह संकेत देता है कि कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति मजबूत है और सरकारी प्रोजेक्ट्स में इसकी अहम भूमिका बनी रहेगी। HUDCO का 99% लोन बुक सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा है, जो इसे बाजार में एक सुरक्षित निवेश के रूप में पेश करता है।
एसेट क्वालिटी में बड़ा सुधार
कंपनी ने अपनी लोन बुक की क्वालिटी में जबरदस्त सुधार किया है। जून 2026 तक कंपनी का स्टेज 3 लोन रेशियो घटकर 1.0% पर आ गया है, जो मार्च 2023 में 3.4% हुआ करता था। वहीं, कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 39.4% है, जो बहुत मजबूत माना जाता है। मार्च 2026 तक कंपनी की कुल एसेट्स लगभग ₹1.7 ट्रिलियन दर्ज की गई हैं।
निवेशकों को इन बातों का रखना होगा ख्याल
हालाँकि आउटलुक 'स्टेबल' है, लेकिन Moody's ने कुछ सावधानियां भी बताई हैं:
- सरकारी सपोर्ट: सरकार की तरफ से मिलने वाले समर्थन में किसी भी तरह की कमी रेटिंग पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
- एसेट क्वालिटी: अगर भविष्य में खराब लोन (Problem Loans) का आंकड़ा 5% से ऊपर जाता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
- TCE/TMA रेशियो: निवेशकों को नजर रखनी होगी कि यह रेशियो 9.5% से नीचे न जाए।
कुल मिलाकर, सरकारी बैकअप और बेहतर लोन रिकवरी के चलते HUDCO फिलहाल मजबूत स्थिति में है, लेकिन सरकारी नीतियों और एसेट क्वालिटी की निगरानी करना जरूरी होगा।
