H.G. Infra Engineering Ltd ने अपने अनसिक्योर्ड NCDs पर कुल **₹18.43 करोड़** का ब्याज भुगतान पूरा किया है। इसमें **₹17.05 करोड़** का निर्धारित ब्याज और **₹1.38 करोड़** का पेनाल्टी शामिल है, जो डेट कोवेनेंट्स के उल्लंघन के कारण लगा है।
जुर्माना और भुगतान का पूरा हिसाब
कंपनी ने अपने सीनियर रेटेड लिस्टेड अनसिक्योर्ड रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए कुल ₹18.43 करोड़ का भुगतान किया है। कंपनी ने यह राशि 31 अगस्त, 2026 को जमा की, जो मूल रूप से 29 अगस्त, 2026 को देय थी। इसमें मुख्य रूप से ₹17.05 करोड़ का ब्याज और ₹1.38 करोड़ की पेनल्टी शामिल है।
क्यों हुआ विवाद?
यह पेनल्टी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान डेट कोवेनेंट्स (Debt Covenants) के उल्लंघन के कारण लगाई गई है। 2% का यह अतिरिक्त चार्ज यह दर्शाता है कि कंपनी के वित्तीय अनुशासन में कहीं न कहीं चूक हुई थी। हालांकि पेमेंट पूरा कर दिया गया है, लेकिन कोवेनेंट ब्रीच की स्वीकारोक्ति ने निवेशकों के मन में चिंता पैदा कर दी है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to watch)
बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को अब कंपनी के आगामी नतीजों और फाइलिंग्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। कोवेनेंट्स का उल्लंघन भविष्य में कंपनी के लिए उधार लेने की लागत (Borrowing Cost) बढ़ा सकता है और कंपनी की साख पर भी असर डाल सकता है।
अगली तिमाही में लिक्विडिटी लेवल और मैनेजमेंट द्वारा इस उल्लंघन को सुधारने के लिए उठाए गए कदमों पर स्पष्टता मिलना बेहद जरूरी है।
