HDFC Mutual Fund ने Piramal Pharma में अपनी हिस्सेदारी घटाकर **4.988%** कर दी है, जो पहले **7.015%** हुआ करती थी। इस ट्रांजैक्शन के तहत फंड हाउस ने **2.69 करोड़** से ज्यादा शेयर बेचे हैं।
हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव
HDFC एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने एक रेगुलर फाइलिंग में जानकारी दी है कि उन्होंने ओपन मार्केट के जरिए Piramal Pharma के 2,69,92,907 शेयर बेचे हैं। इस बिकवाली के बाद अब फंड हाउस के पास कंपनी के कुल 6,64,00,748 शेयर बचे हैं। यह ट्रांजैक्शन 28 अक्टूबर, 2026 को पूरा किया गया था।
क्यों हुआ यह बदलाव?
बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स अक्सर अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (rebalance) करते रहते हैं, ताकि वे अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी के साथ तालमेल बिठा सकें। जब भी कोई बड़ा शेयरहोल्डर एक निश्चित लेवल से अपनी होल्डिंग कम या ज्यादा करता है, तो SEBI के नियमों के तहत एक्सचेंजों को जानकारी देना अनिवार्य होता है। यह कदम उसी रेगुलर कंप्लायंस का हिस्सा है।
अब क्या होगा?
होल्डिंग का 5% से नीचे आना एक अहम संकेत है। अब भविष्य में यदि HDFC Mutual Fund मामूली ट्रेडिंग भी करता है, तो उसे हर बार उतनी बारीकी से सार्वजनिक डिस्क्लोजर देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जब तक कि उनकी होल्डिंग किसी अन्य रेगुलेटरी ट्रिगर पॉइंट को पार न कर जाए। निवेशकों के लिए यह सलाह है कि वे कंपनी की अगली शेयरहोल्डिंग पैटर्न फाइलिंग पर नजर रखें, ताकि यह समझा जा सके कि क्या अन्य संस्थागत निवेशक भी अपनी पोजिशन बदल रहे हैं।
