देश के सबसे बड़े निजी लेंडर HDFC Bank ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर **₹18,641 करोड़** से बढ़कर **₹19,610 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे की रफ्तार और कमाई के आंकड़े
HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹19,609.96 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹18,641.28 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹20,700.03 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। इस दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम ₹97,267.62 करोड़ रही।
एसेट क्वालिटी में जबरदस्त सुधार
बैंक की एसेट क्वालिटी को लेकर आई रिपोर्ट काफी संतोषजनक है। ग्रॉस NPA (Gross NPA) में सुधार देखने को मिला है, जो पिछले साल के 1.24% से घटकर अब 1.11% रह गया है। पिछली तिमाही (Q1) में यह आंकड़ा 1.17% था। वहीं, नेट NPA भी 0.41% से घटकर 0.37% पर आ गया है, जो बैंक की बेहतर रिस्क मैनेजमेंट क्षमता को दर्शाता है।
आगे क्या है निवेशकों के लिए?
बैंक ने साफ किया है कि डेजिग्नेटेड व्यक्तियों के लिए ट्रेडिंग विंडो 20 अक्टूबर, 2026 को फिर से खुल जाएगी। हालांकि, निवेशकों को आने वाले समय में बैंक के 'नेट इंटरेस्ट मार्जिन' और 'क्रेडिट कॉस्ट' पर नजर रखनी चाहिए, जो बैंक की भविष्य की मुनाफे की स्थिति को तय करेंगे।
