HDFC Bank ने सितंबर **2026** तिमाही के लिए मजबूत प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं। बैंक के एडवांसेज में **15.3%** और डिपॉजिट्स में **18.8%** (YoY) का उछाल देखा गया है, जो बाजार में बैंक की मजबूती को दर्शाता है।
आंकड़ों का गणित
बैंक के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट्स के अनुसार, पीरियड-एंड एडवांसेज ₹33,075 अरब (ग्रोथ 15.3%) और पीरियड-एंड डिपॉजिट्स ₹33,275 अरब (ग्रोथ 18.8%) के स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, मैनेजमेंट के तहत औसत एडवांसेज ₹31,872 अरब रहे, जो पिछले साल की तुलना में 14% अधिक हैं।
डिपॉजिट्स में बदलाव का असर
बैंक का डिपॉजिट बेस तेजी से बढ़ रहा है। इसमें औसत टाइम डिपॉजिट्स 19.7% बढ़कर ₹21,952 अरब हो गए हैं, जबकि CASA डिपॉजिट्स 10.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹9,712 अरब पर रहे। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि टाइम डिपॉजिट्स का बढ़ता हिस्सा लागत बढ़ा सकता है, जिससे आगामी नतीजों में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव देखने को मिल सकता है।
लिक्विडिटी और ट्रेजरी अपडेट
बैंक ने अपनी लिक्विडिटी को मजबूत करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। जून 2026 में RBI की FCNR(B) स्वैप सुविधा के जरिए बैंक ने USD 11.5 अरब के डिपॉजिट्स जुटाए हैं। साथ ही, जून और अगस्त के बीच USD 2.5 अरब के सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड्स भी जारी किए गए हैं।
आगे की राह
अब सबकी नजरें बैंक के पूर्ण तिमाही नतीजों पर हैं। निवेशकों को विशेष रूप से मैनेजमेंट की NIM गाइडेंस और बढ़ती डिपॉजिट कॉस्ट के मुनाफे पर असर को ट्रैक करना चाहिए।
