HDFC Bank में टॉप लेवल पर बड़े बदलाव की तैयारी है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा 31 दिसंबर, 2026 को रिटायर होंगे, वहीं इंडिपेंडेंट डायरेक्टर लिली वडेरा को 2029 तक के लिए री-अपॉइंट किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
HDFC Bank ने एक्सचेंज फाइलिंग में अपने टॉप मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की जानकारी दी है। बैंक के अनुभवी लीडर और डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। बैंक के बोर्ड और गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमिटी (GNRC) ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस फैसले को लागू करने के लिए Reserve Bank of India की अंतिम मंजूरी का इंतज़ार है।
बोर्ड में कंटिन्यूटी पर फोकस
कैजाद भरूचा के एग्जिट के साथ ही, बैंक ने अपनी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर लिली वडेरा को दोबारा नियुक्त करने का फैसला किया है। उनका कार्यकाल नवंबर 2026 से शुरू होकर नवंबर 2029 तक यानी 3 साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिस पर शेयरहोल्डर्स की मुहर लगना बाकी है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
कैजाद भरूचा को HDFC Bank के क्रेडिट आर्किटेक्चर का 'आर्किटेक्ट' माना जाता है, जिन्होंने 30 साल से ज्यादा समय तक बैंक की कम-रिस्क वाली लेंडिंग प्रोफाइल को मजबूती दी है। उनका जाना बैंक के लिए एक बड़े ट्रांजिशन जैसा है। हालांकि, लिली वडेरा जैसे अनुभवी सदस्यों को बोर्ड में बरकरार रखना बैंक की गवर्नेंस और पॉलिसी कंटिन्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अब बाजार की नज़रें इस बात पर टिकी होंगी कि बैंक की ओर से डिप्टी MD के पद के लिए सक्सेशन प्लानिंग (उत्तराधिकारी की योजना) पर क्या अपडेट आता है।
