Gujarat Lease Financing ने Q2 में **₹2.54 लाख** का मामूली प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह एक 'Non-Going Concern' बनी हुई है और बिजनेस फिर से शुरू करने की कोई योजना नहीं है।
मुनाफे के आंकड़ों का सच
कंपनी ने सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए जो नतीजे पेश किए हैं, उनमें ₹2.54 लाख का नेट प्रॉफिट दिख रहा है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2.12 लाख था। हालांकि, यह मुनाफा कामकाज से नहीं बल्कि अन्य आय (Other Income) से आया है। वहीं, छह महीने की अवधि में कंपनी को ₹5.49 लाख का नेट लॉस हुआ है।
क्यों चिंता में हैं निवेशक?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसका कोई भी ऑपरेशनल रेवेन्यू (Revenue from Operations) नहीं है। मैनेजमेंट ने साफ शब्दों में कहा है कि भविष्य में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि को शुरू करने का इरादा नहीं है। कंपनी अब केवल अपने एसेट्स को बेचकर लायबिलिटीज को कम करने पर ध्यान दे रही है।
रिस्क और बैलेंस शीट की स्थिति
वर्तमान में कंपनी की कुल देनदारियां (Liabilities) उसके एसेट वैल्यू से कहीं अधिक हैं। कंपनी 'Non-Going Concern' आधार पर काम कर रही है, जिसका मतलब है कि बैलेंस शीट का मूल्यांकन केवल एसेट्स की वसूली योग्य वैल्यू (Realizable Value) पर आधारित है। पिछले छह महीनों में कंपनी का कुल खर्च ₹26.17 लाख रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹24.78 लाख था। निवेशकों के लिए फिलहाल इस स्टॉक में कोई ग्रोथ की उम्मीद नहीं है, क्योंकि यह पूरी तरह से डॉरमेंट (Dormant) अवस्था में है।
