Grovy India Limited ने इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट (Preferential Allotment) को पूरा कर लिया है। प्रमोटर्स ने **16,66,664** शेयर खरीदे हैं, जिससे उनके शेयरों की कुल संख्या बढ़ी है। हालांकि, कैपिटल बेस बढ़ने के कारण उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी कम हो गई है।
Grovy India Limited ने 4 अगस्त 2026 को इक्विटी शेयरों के प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट को सफलतापूर्वक पूरा करने की घोषणा की है।
इस अलॉटमेंट के बाद, प्रमोटर्स की कुल होल्डिंग 1,14,01,917 शेयर हो गई है, जबकि कंपनी का कुल इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़कर 1,75,05,705 शेयर हो गया है।
क्या हुआ?
Grovy India Limited ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। इस कदम से कंपनी का कुल इक्विटी शेयर कैपिटल 1,33,36,272 शेयरों से बढ़कर 1,75,05,705 शेयर हो गया है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
इस प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटर ग्रुप, जिसमें प्रकाश चंद जालान, निशित जालान, अंकुर जालान और अनीता जालान शामिल हैं, ने 16,66,664 नए शेयर खरीदे हैं। इससे उनके पास मौजूद शेयरों की कुल संख्या तो बढ़ी है, लेकिन कंपनी के कुल इक्विटी कैपिटल में हुई बढ़ोतरी के कारण प्रमोटर्स की प्रतिशत हिस्सेदारी (Percentage Holding) में कमी आई है।
पृष्ठभूमि
इस अलॉटमेंट से पहले, प्रमोटर्स के पास कुल इक्विटी का 73.00% हिस्सा था, यानी 97,35,253 शेयर। अलॉटमेंट के बाद, उनके पास अब 1,14,01,917 शेयर हैं, लेकिन बढ़ी हुई शेयर पूंजी के मुकाबले उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी घटकर 65.13% रह गई है।
अब क्या बदलेगा?
प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के कारण कंपनी की इक्विटी संरचना में बदलाव आया है। प्रमोटर्स ने अपने शेयरों की कुल संख्या तो बढ़ाई है, लेकिन इक्विटी बेस के बढ़ने से उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी कम हुई है।
ध्यान देने योग्य जोखिम
निवेशकों को यह देखना चाहिए कि कंपनी इस प्रेफरेंशियल इश्यू से जुटाए गए फंड का उपयोग कैसे करती है। प्रमोटर्स की प्रतिशत हिस्सेदारी में आई यह कमी, भले ही उनके पास पूर्ण शेयरों की संख्या बढ़ी हो, शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन बिंदु हो सकती है।
