Great Eastern Shipping Company की सब्सिडियरी, Greatship (India) Limited को मुंबई स्टेट टैक्स अथॉरिटी से **8** रिव्यू नोटिस मिले हैं। यह मामला साल **2013** से **2017** के बीच वेसल और रिग चार्टर हायर से जुड़ी टैक्स देनदारियों का है।
क्या है पूरा मामला?
जॉइंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स (मुंबई) ने पुराने सेल्स टैक्स ऑर्डर्स की समीक्षा के लिए ये 8 नोटिस जारी किए हैं। मामला मुख्य रूप से चार्टर-हायर रेवेन्यू पर लिए गए टैक्स छूट (Exemptions) के क्लासिफिकेशन से जुड़ा है, जो Central Sales Tax (CST) Act, 1956 के तहत क्लेम की गई थी।
कंपनी का स्टैंड क्या है?
फिलहाल कोई स्पष्ट टैक्स डिमांड सामने नहीं आई है, लेकिन अथॉरिटी ने ब्याज और जुर्माने की संभावना जताई है। कंपनी का कहना है कि वे इन नोटिसों का औपचारिक जवाब तैयार कर रहे हैं। Greatship (India) अपने पक्ष को मजबूती से रखेगी और उनका मानना है कि उस समय टैक्स नियमों की व्याख्या सही तरीके से की गई थी।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
अभी भले ही कोई वित्तीय देनदारी तय नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स डिमांड की तलवार लटकी रह सकती है। यदि अथॉरिटी के साथ विवाद बढ़ता है, तो कंपनी को टैक्स एरियर के साथ-साथ ब्याज और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
इन्वेस्टर्स को अब BSE पर आने वाली कंपनी की अगली अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए। टैक्स विभाग की ओर से अगर कोई भी फाइनल डिमांड आती है, तो वही कंपनी के कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर साबित होगा।
