Great Eastern Shipping के बोर्ड ने ओपन मार्केट शेयर बायबैक (Buyback) को मंजूरी दे दी है। कंपनी इसके लिए **₹900 करोड़** तक खर्च करेगी और बायबैक की अधिकतम कीमत **₹1,530** प्रति शेयर तय की गई है।
बायबैक की मुख्य शर्तें
Great Eastern Shipping Company के बोर्ड ने 27 अगस्त 2026 को अपनी बैठक में बायबैक को हरी झंडी दी है। कंपनी ₹675 करोड़ से लेकर ₹900 करोड़ तक के शेयर वापस खरीदेगी। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी के प्रमोटर्स हिस्सा नहीं लेंगे, जिससे इसका सीधा फायदा पब्लिक शेयरहोल्डर्स को मिलेगा।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
जब कोई कंपनी बायबैक करती है, तो यह उसकी मजबूत फाइनेंशियल स्थिति का संकेत माना जाता है। इससे बाजार में शेयरों की संख्या कम होती है, जिससे कंपनी की EPS (Earnings Per Share) बढ़ने की संभावना रहती है। कंपनी का लक्ष्य अपने सरप्लस कैश का इस्तेमाल शेयरहोल्डर्स को वैल्यू लौटाने के लिए करना है।
SEBI के नियमों का पालन
यह बायबैक कंपनी के स्टैंडअलोन पेड-अप कैपिटल और फ्री रिजर्व का लगभग 7.19% है, जो SEBI की 10% की लिमिट के दायरे में आता है। कंपनी को यह भी अनिवार्य किया गया है कि वह आवंटित फंड का कम से कम 75% हिस्सा बायबैक पर खर्च करे।
आगे क्या होगा?
अगले कुछ दिनों में कंपनी स्टॉक एक्सचेंज के जरिए बायबैक की तारीखों का ऐलान करेगी। यह एक ओपन मार्केट बायबैक है, यानी कंपनी तय लिमिट के अंदर बाजार से शेयर खरीदेगी। यदि शेयर की कीमत ₹1,530 से नीचे रहती है, तो कंपनी को उम्मीद से ज्यादा शेयर खरीदने का मौका मिल सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की तरफ से आने वाली अगली रेगुलेटरी फाइलिंग और बायबैक विंडो की टाइमलाइन पर नजर रखें।
