Grandma Trading & Agencies Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल के ₹5.95 लाख के घाटे को मुनाफे में बदलते हुए **₹1.61 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹12.66 लाख** रहा। साथ ही, कंपनी ने अवधेश चौरासिया को होल-टाइम डायरेक्टर और CFO नियुक्त किया है।
Grandma Trading का शानदार प्रदर्शन: घाटे से मुनाफे की ओर
Grandma Trading & Agencies Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई तिमाही (Q1 FY2027) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹1.61 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में हुए ₹5.95 लाख के नेट लॉस की तुलना में एक बड़ी और सकारात्मक उलटफेर है।
रेवेन्यू और पिछली तिमाही से तुलना
इस तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹12.66 लाख रहा। हालांकि, यह पिछली तिमाही (31 मार्च, 2026 को समाप्त) के ₹6.63 लाख के प्रॉफिट और ₹12.66 लाख के रेवेन्यू की तुलना में कुछ कम है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू सिर्फ ₹0.03 लाख था, जो इस बार काफी बढ़ गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है खास?
साल-दर-साल (year-on-year) आधार पर मुनाफे में वापसी निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। यह कंपनी के प्रदर्शन में सुधार का संकेत देता है। नए होल-टाइम डायरेक्टर और CFO की नियुक्ति भविष्य में कंपनी की रणनीति में बदलाव या वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने की ओर इशारा कर सकती है।
जानिए पूरी कहानी
पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (Q1 FY2026) में Grandma Trading & Agencies Ltd को ₹5.95 लाख का घाटा हुआ था। वर्तमान तिमाही के नतीजों ने इस ट्रेंड को पूरी तरह पलट दिया है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी ने श्री अवधेश चौरासिया को होल-टाइम डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 1 अगस्त, 2026 से 31 जुलाई, 2031 तक पांच साल के लिए प्रभावी होगी, जिसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी बाकी है। यह कंपनी के वित्तीय मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व बदलाव है।
चिंताएं और ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के समक्ष लंबित 'पेड-अप कैपिटल' में कमी के प्रस्ताव पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। कंपनी ने बताया है कि यह याचिका अंतिम सुनवाई का इंतजार कर रही है। NCLT के किसी भी फैसले का कंपनी की पूंजी संरचना पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को NCLT याचिका के नतीजे पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, भविष्य के तिमाही नतीजों से यह पता चलेगा कि Q1 FY27 का मुनाफा जारी रहता है या नहीं, खासकर पिछली तिमाही की तुलना में प्रदर्शन में आई गिरावट को देखते हुए।
