Grandma Trading Share Price: दादी का कमाल! तिमाही में हुआ मुनाफा, पर NCLT से है बड़ी उम्मीद

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Grandma Trading Share Price: दादी का कमाल! तिमाही में हुआ मुनाफा, पर NCLT से है बड़ी उम्मीद
Overview

Grandma Trading & Agencies Ltd ने मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में **₹6.63 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के नुकसान से एक बड़ी रिकवरी है, लेकिन कंपनी का नेट वर्थ अभी भी निगेटिव है और NCLT से कैपिटल रिडक्शन स्कीम की मंजूरी का इंतजार है।

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शानदार तिमाही नतीजे, पर अभी भी है चुनौती

Grandma Trading & Agencies Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे साल के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं। कंपनी ने चौथी तिमाही में ₹0.0663 करोड़ (यानी ₹6.63 लाख) का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट कमाया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में हुए ₹1.2326 करोड़ (यानी ₹123.26 लाख) के नेट लॉस से एक बड़ी रिकवरी है।

पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, कंपनी का नेट लॉस घटकर ₹0.0703 करोड़ (यानी ₹7.03 लाख) रह गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष में ₹1.4538 करोड़ (यानी ₹145.38 लाख) था।

ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में भी बड़ा उछाल देखा गया। तिमाही के दौरान रेवेन्यू ₹0.3848 करोड़ (यानी ₹38.48 लाख) रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह सिर्फ ₹0.0461 करोड़ (यानी ₹4.61 लाख) था।

क्यों अहम है यह खबर?

यह कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि यह तिमाही आधार पर मुनाफे में लौट आई है। सालाना घाटे में कमी यह भी दिखाती है कि कंपनी का बिजनेस बेहतर हो रहा है। हालांकि, एक बड़ी चिंता कंपनी का ₹-0.07 लाख का निगेटिव नेट वर्थ (31 मार्च 2026 तक) है, जो लगातार फाइनेंशियल दबाव को दर्शाता है।

क्या है बैकस्टोरी?

Grandma Trading & Agencies Ltd पिछले कुछ समय से मुश्किलों का सामना कर रही थी, जो पिछले साल के नेट लॉस और लगातार निगेटिव नेट वर्थ से जाहिर होता है। कंपनी इस स्थिति से निपटने के लिए एक कैपिटल रिडक्शन स्कीम (पूंजी कटौती योजना) पर काम कर रही है।

आगे क्या?

कंपनी अब कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 66 के तहत नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में कैपिटल रिडक्शन स्कीम के लिए मंजूरी की मांग कर रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह पुनर्गठन फंड जुटाने और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए बेहद जरूरी होगा।

रिस्क फैक्टर

सबसे बड़ा रिस्क कंपनी का लगातार निगेटिव नेट वर्थ है, जो इसकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और शेयरहोल्डर वैल्यू को प्रभावित करता है। NCLT द्वारा कैपिटल रिडक्शन स्कीम की मंजूरी और उसका सफल कार्यान्वयन कंपनी के भविष्य और पूंजी जुटाने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है। ऑडिटर की रिपोर्ट में 'गोइंग कंसर्न' (चलते रहने की क्षमता) पर भी सवाल उठाया गया है, जो इसी लंबित मंजूरी से जुड़ा है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को NCLT में कैपिटल रिडक्शन स्कीम की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। मंजूरी प्रक्रिया या पुनर्गठन के बाद कंपनी द्वारा फंड जुटाने की क्षमता से जुड़े कोई भी अपडेट भविष्य के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। साथ ही, कंपनी की ऑपरेशनल एक्टिविटी और रेवेन्यू ग्रोथ पर भी ध्यान देना जरूरी है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.