Godavari Drugs ने अपने प्रमोटर्स को 89 रुपये प्रति शेयर की दर से 7,86,690 इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं। इस वारंट कन्वर्जन से कंपनी की पेड-अप कैपिटल बढ़कर ₹10.91 करोड़ हो गई है, और इसके लिए कंपनी को करीब ₹5.25 करोड़ मिले हैं।
Godavari Drugs के वारंट का इक्विटी में कन्वर्जन
7,86,690 इक्विटी शेयर अलॉट किए गए
प्रति शेयर इश्यू प्राइस: ₹89
रीडर टेकअवे: प्रमोटर्स ने वारंट को इक्विटी में बदलवाया है, जिससे कंपनी की इक्विटी बढ़ी है। आगे के डाइल्यूशन के लिए बाकी बचे वारंट पर नजर रखें।
क्या हुआ?
Godavari Drugs Ltd ने हाल ही में अपने प्रमोटर कैटेगरी के लिए 7,86,690 इक्विटी शेयर अलॉट करने की घोषणा की है। यह कदम वारंट्स के कन्वर्जन के बाद उठाया गया है, जिनकी संख्या भी इतनी ही थी। इन शेयर्स के लिए इश्यू प्राइस ₹89 प्रति शेयर तय किया गया था।
कंपनी को कन्वर्जन फाइनल करने के लिए बाकी 75% पेमेंट, यानी करीब ₹5.25 करोड़ मिले हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इस अलॉटमेंट की वजह से Godavari Drugs की पेड-अप इक्विटी कैपिटल ₹10,12,74,350 से बढ़कर ₹10,91,41,250 हो गई है। साथ ही, टोटल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या भी 1,01,27,435 से बढ़कर 1,09,14,125 हो गई है।
कैपिटल स्ट्रक्चर में यह बदलाव शेयरहोल्डर इक्विटी और अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) की गणनाओं को प्रभावित करता है।
पूरी कहानी
ये वारंट्स मूल रूप से 12 फरवरी 2026 को हुई एक एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में मंजूरी के बाद इश्यू किए गए थे।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने इस विशेष अलॉटमेंट को 14 अगस्त 2026 को मंजूरी दी थी।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल और कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या अब अपडेट हो गई है।
आगे के जोखिम
अभी भी 15,73,375 वारंट बकाया हैं। ये वारंट अगले 18 महीनों के अंदर कन्वर्ट किए जा सकते हैं।
इन बाकी बचे वारंट्स का कन्वर्जन इक्विटी बेस को और बढ़ाएगा, जिससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी (stake) डाइल्यूट हो सकती है।
मुख्य आंकड़े
- अलॉटमेंट की तारीख: 14 अगस्त 2026
- इश्यू प्राइस: ₹89 प्रति शेयर
- मिली राशि: लगभग ₹5.25 करोड़ (75% पेमेंट)
- अलॉटमेंट से पहले पेड-अप कैपिटल: ₹10,12,74,350
- अलॉटमेंट के बाद पेड-अप कैपिटल: ₹10,91,41,250
- अलॉटमेंट से पहले शेयर्स: 1,01,27,435
- अलॉटमेंट के बाद शेयर्स: 1,09,14,125
- बकाया वारंट्स: 15,73,375
- शेष कन्वर्जन प्राइस: ₹66.75 प्रति वारंट (इश्यू प्राइस का 75%)
- शेष कन्वर्जन की समय-सीमा: मूल अलॉटमेंट से 18 महीने।
