Go Digit General Insurance ने Go Digit Infoworks Services के साथ अपने मर्जर की स्कीम में बदलाव किया है। कंपनी ने IRDAI के निर्देशों का पालन करते हुए ड्राफ्ट में जरूरी कानूनी सुधार किए हैं।
रेगुलेटरी अपडेट का असर
Go Digit General Insurance ने अपनी मर्जर स्कीम में एक अहम बदलाव किया है। यह कदम 4 सितंबर, 2026 को IRDAI द्वारा जारी की गई एक औपचारिक सलाह के बाद उठाया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह बदलाव पूरी तरह से 'प्रोसीजरल' (प्रक्रियात्मक) है और इससे मर्जर के मूल उद्देश्यों या शर्तों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
क्या बदला है?
कंपनी ने अपने 'Scheme of Amalgamation' के डॉक्यूमेंट्स में Insurance Act, 1938 की Section 35 का विशेष उल्लेख शामिल किया है, जो 2025 के नए इंश्योरेंस कानूनों के तहत संशोधित है। यह बदलाव केवल रेगुलेटरी नियमों के साथ तालमेल बिठाने के लिए किया गया है।
अब आगे क्या?
यह प्रस्तावित विलय अभी भी नियामकीय (Regulatory) प्रक्रिया के शुरुआती दौर में है। मर्जर को पूरा करने के लिए अभी निम्नलिखित संस्थाओं की मंजूरी का इंतजार है:
- NCLT (National Company Law Tribunal), मुंबई बेंच
- IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India)
- दोनों कंपनियों के शेयरहोल्डर्स
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की अपडेट के लिए एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखें, क्योंकि अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।
