Go Digit General Insurance के शेयरधारकों ने कंपनी के Go Digit Infoworks Services के साथ विलय (Amalgamation) के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। NCLT की देखरेख में हुई इस वोटिंग में प्रस्ताव के पक्ष में भारी बहुमत मिला है।
भारी बहुमत से पास हुआ प्रस्ताव
NCLT की मुंबई बेंच के आदेशानुसार आयोजित इस मीटिंग में शेयरधारकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 180,357,329 वोट डाले गए, जिसमें से 180,357,260 वोट विलय के पक्ष में पड़े। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे ट्रांजैक्शन में किसी भी तरह का कैश कंसीडरेशन (Cash Consideration) शामिल नहीं है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि SEBI LODR और कंपनी एक्ट, 2013 के नियमों का पालन करते हुए 675,536,243 वोटों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया क्योंकि वे संबंधित पक्षों से जुड़े थे।
क्यों अहम है यह कदम?
यह कदम कंपनी के इंटरनल स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और ऑपरेशन्स को स्ट्रीमलाइन करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। विलय के बाद दोनों कंपनियों के कामकाज को एक ही अंब्रेला के नीचे लाने की कोशिश की जा रही है, जो भविष्य में कंपनी की कार्यक्षमता को बढ़ा सकता है।
अब आगे क्या?
शेयरधारकों की मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन अभी भी इस स्कीम को NCLT और अन्य रेगुलेटरी अथॉरिटीज की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। जब तक रेगुलेटरी फाइलिंग्स पूरी नहीं हो जातीं और कंपनी की तरफ से आधिकारिक 'इफेक्टिव डेट' की घोषणा नहीं होती, तब तक विलय की प्रक्रिया कानूनी रूप से पूरी नहीं मानी जाएगी। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की तरफ से आने वाली अगली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखें।
