Gilada Finance: शेयर कैपिटल बढ़ाने का प्लान, Q1 में मुनाफा घटा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gilada Finance: शेयर कैपिटल बढ़ाने का प्लान, Q1 में मुनाफा घटा

Gilada Finance & Investments ने अपने ऑथोराइज्ड कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹30 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी ने Q1 FY27 में ₹1.78 करोड़ का रेवेन्यू और ₹45.37 लाख का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही से कम है।

Gilada Finance ने बढ़ाई ऑथोराइज्ड कैपिटल, Q1 में लाभ में गिरावट

Gilada Finance & Investments ने जून 2026 में समाप्त तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है। कंपनी का रेवेन्यू ₹1.78 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर के ₹1.88 करोड़ से थोड़ा कम है, लेकिन पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1.67 करोड़ से अधिक है। वहीं, इस तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹45.37 लाख रहा, जो पिछले क्वार्टर के ₹45.93 लाख और पिछले साल की इसी तिमाही के ₹54.39 लाख से कम है। बेसिक ईपीएस (EPS) ₹0.32 दर्ज किया गया।

शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार

वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹30 करोड़ करने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 4 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने होंगे, जिनका फेस वैल्यू ₹5 प्रति शेयर होगा। इस प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी आगामी 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में मिलेगी। कंपनी ने ₹1.9 लाख के 19 नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के प्राइवेट प्लेसमेंट अलॉटमेंट को भी मंजूरी दी है।

नए डायरेक्टर और ऑडिटर की नियुक्ति

इसके अलावा, श्री संजीव कुमार को एडिशनल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, जिनकी नियुक्ति को भी सदस्यों की मंजूरी मिलनी बाकी है। बोर्ड ने मेसर्स वेंकटेश एंड राघवेंद्र, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को पांच साल के लिए नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त करने की भी सिफारिश की है, जो शेयरधारकों की सहमति पर निर्भर करेगा।

32वीं AGM का आयोजन 11 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। AGM के लिए 4 सितंबर से 11 सितंबर, 2026 तक बुक क्लोजर रहेगा।

क्यों है यह अहम?

ऑथोराइज्ड कैपिटल में यह तीन गुना वृद्धि Gilada Finance के भविष्य के विस्तार या पूंजी जुटाने की योजनाओं का संकेत देती है। शेयरधारक इस तीन गुनी वृद्धि के पीछे की रणनीतिक वजहों को समझने में रुचि रखेंगे। पिछले दो अवधियों की तुलना में नेट प्रॉफिट में गिरावट एक चिंता का विषय है जिस पर नज़र रखने की आवश्यकता होगी।

भविष्य की राह

शेयरधारकों को AGM में ऑथोराइज्ड कैपिटल बढ़ाने के प्रस्ताव पर मतदान करना होगा। नए ऑडिटर की नियुक्ति कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव का भी संकेत देती है। इस बढ़ी हुई पूंजी का कंपनी भविष्य में कैसे उपयोग करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.