Geojit Financial Services ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **2.5%** बढ़कर **₹165.82 करोड़** रहा। कंपनी फिलहाल मुनाफे के बजाय लंबी अवधि की ग्रोथ और रिकरिंग इनकम पर जोर दे रही है।
मुनाफे के बजाय ग्रोथ पर फोकस
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी की 40% कमाई रिकरिंग सोर्सेज से आ रही है, जो FY23 में सिर्फ 25% थी। वहीं, PMS/AIF सेगमेंट के एसेट्स मार्च के मुकाबले 39% बढ़कर ₹2,018 करोड़ के स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसमें तिमाही के दौरान ₹322 करोड़ का नेट इनफ्लो आया है।
क्यों बढ़ रहा है खर्चा?
मैनेजमेंट ने साफ किया है कि साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई हायरिंग पर कंपनी भारी निवेश कर रही है। हालांकि, इससे EBITDA मार्जिन पर दबाव जरूर दिख रहा है, लेकिन यह रणनीति कंपनी को ट्रांजैक्शन-आधारित इनकम की निर्भरता से बाहर निकाल रही है। कंपनी ने H1 में 61,000 से ज्यादा नए क्लाइंट्स जोड़े हैं, जिससे कुल क्लाइंट बेस बढ़कर 17.25 लाख हो गया है।
आगे की राह (H2 Outlook)
सालाना छमाही के बाद अब कंपनी का फोकस नई भर्तियों के बजाय मौजूदा वर्कफोर्स की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर होगा। हालांकि, GCC देशों में चल रही अस्थिरता के कारण NRI बिजनेस अभी भी 'वेट एंड वॉच' मोड में है।
मुख्य आंकड़े (Context Metrics)
- कुल कस्टमर एसेट्स: ₹1.12 लाख करोड़
- SIP बुक: ₹156 करोड़ (1.78 लाख क्लाइंट्स के साथ)
- लेंडिंग बुक: ₹780 करोड़
- इंश्योरेंस ग्रॉस प्रीमियम: ₹175 करोड़ (Q2 के दौरान)
