Genus Power Infrastructures ने ऐलान किया है कि वे **26 अक्टूबर, 2026** को होने वाली बोर्ड मीटिंग में शेयरों के बायबैक (Buyback) के प्रस्ताव पर विचार करेंगे।
क्या है बायबैक का पूरा गणित?
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि बोर्ड मीटिंग में पूरी तरह से चुकता (fully paid-up) इक्विटी शेयरों के बायबैक की योजना पर चर्चा होगी। यह पूरा प्रोसेस 'कंपनीज एक्ट, 2013' और 'SEBI (बाय-बैक ऑफ सिक्योरिटीज) रेगुलेशंस, 2018' के नियमों के दायरे में किया जाएगा।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
जब कोई कंपनी बायबैक करती है, तो इसे मैनेजमेंट के भरोसे का प्रतीक माना जाता है। इससे मार्केट में यह संदेश जाता है कि शेयर अपनी असल कीमत से सस्ता मिल रहा है। इसके अलावा, बायबैक से कुल शेयरों की संख्या कम हो जाती है, जिससे कंपनी के 'अर्निंग पर शेयर' (EPS) में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने पहले ही 1 अक्टूबर, 2026 से 'ट्रेडिंग विंडो' को बंद कर दिया है, ताकि SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का पालन हो सके। अब सभी की नजरें 26 अक्टूबर को होने वाली मीटिंग पर हैं, जिसमें बायबैक का तरीका (टेंडर ऑफर या ओपन मार्केट) और उसकी कीमत क्या होगी, यह साफ हो जाएगा।
