Gayatri Projects Limited ने Zeal Global Opportunities Fund को **1.50 करोड़** इक्विटी शेयर प्रेफरेंशियल बेसिस पर अलॉट किए हैं। कंपनी के कुल शेयर कैपिटल में बड़ी बढ़ोतरी के चलते निवेशक की हिस्सेदारी **5.06%** से घटकर **3.23%** रह गई है।
Gayatri Projects Limited: Zeal Global को प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट
Gayatri Projects Limited ने 23 अप्रैल 2026 को Zeal Global Opportunities Fund को 1,50,00,000 इक्विटी शेयर प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए अलॉट किए हैं। ये शेयर Zeal Global Opportunities Fund द्वारा खरीदे गए, जो कि मॉरीशस की एक एंटिटी है और कंपनी के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा नहीं है। अलॉटमेंट की तारीख 23 अप्रैल 2026 है।
क्या है खास?
यह डील दिखाती है कि कंपनी में इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का पैसा आ रहा है। लेकिन, कंपनी द्वारा शेयर कैपिटल में की गई बड़ी बढ़ोतरी के कारण, नए निवेशक Zeal Global की हिस्सेदारी 5.06% से घटकर 3.23% हो गई है। यह मौजूदा और नए शेयरधारकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
पूरी कहानी
23 अप्रैल 2026 को शेयर अलॉट होने से ठीक पहले, Gayatri Projects Limited ने अपनी शेयर कैपिटल में एक बड़ा बदलाव किया था। 22 अप्रैल 2026 को कंपनी के कुल इक्विटी शेयरों की संख्या 29,61,98,685 से बढ़कर 46,42,99,000 हो गई थी। इक्विटी बेस में यह भारी बढ़ोतरी अलॉटमेंट के बाद हिस्सेदारी की फाइनल परसेंटेज को समझने के लिए अहम है।
इस डील और अन्य कैपिटल बदलावों के बाद, कंपनी का इक्विटी कैपिटल ₹37.44 करोड़ से बढ़कर ₹59.24 करोड़ हो गया है।
अब क्या बदलेगा?
शेयर कैपिटल में हुई बढ़ोतरी के बाद, Zeal Global Opportunities Fund के पास अब Gayatri Projects Limited में 3.23% हिस्सेदारी है, जो पहले 5.06% मानी जा रही थी। इस प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कंपनी ने अपनी कैपिटल जुटाने की कोशिशों को आगे बढ़ाया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर में बार-बार होने वाले बड़े बदलावों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। खासकर, इससे कंपनी के अर्निंग्स पर शेयर (EPS) और वैल्यूएशन पर क्या असर पड़ेगा, इस पर ध्यान देना जरूरी है। अलॉटमेंट के तुरंत बाद हुई इतनी बड़ी डाइल्यूशन (हिस्सेदारी का कम होना) पर गौर करना चाहिए।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को Gayatri Projects Limited के कैपिटल स्ट्रक्चर मैनेजमेंट और उसके फाइनेंशियल मेट्रिक्स पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी तरह की नई कैपिटल जुटाने की गतिविधि या बड़े कॉर्पोरेट एक्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
