Garnet International: मुनाफे में बड़ी छलांग, लेकिन कंपनी पर मंडरा रहे बड़े रेगुलेटरी खतरे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Garnet International: मुनाफे में बड़ी छलांग, लेकिन कंपनी पर मंडरा रहे बड़े रेगुलेटरी खतरे

Garnet International ने FY 2025-26 के लिए **₹4.75 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। हालांकि, कंपनी ऑडिट की गंभीर चुनौतियों और NBFC स्टेटस को लेकर मुश्किलों का सामना कर रही है।

नतीजों के साथ ऑडिटर्स की चेतावनी

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। जहाँ कंपनी ने ₹4.87 करोड़ की टोटल इनकम के साथ ₹4.75 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, वहीं ऑडिटर्स ने लोन कंप्लायंस को लेकर कंपनी को घेरे में लिया है।

क्यों है चिंता की बात?

ऑडिट रिपोर्ट में कंपनी एक्ट के सेक्शन 186(7) के तहत संभावित खामियां बताई गई हैं। मामला मुख्य रूप से ₹9.67 करोड़ के असुरक्षित इंटर-कॉर्पोरेट लोन पर ब्याज से जुड़ा है। इसके अलावा, कंपनी के Type I-NBFC स्टेटस पर भी बादल छाए हुए हैं। मैनेजमेंट अब यह तय कर रहा है कि क्या मौजूदा लाइसेंस को बनाए रखना है, इसे बदलकर Type II करना है या फिर लाइसेंस को सरेंडर कर देना है।

वारंट्स की जब्ती

कंपनी ने 27 लाख इक्विटी वारंट्स को भी जब्त (Forfeit) कर लिया है, क्योंकि होल्डर्स ने इन्हें तय समय सीमा में एक्सरसाइज नहीं किया। इसके चलते जमा की गई 25% अपफ्रंट मनी अब कैपिटल रिजर्व में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

निवेशकों के लिए सलाह

आने वाले समय में कंपनी के मैनेजमेंट की तरफ से NBFC लाइसेंस को लेकर आने वाला स्पष्टीकरण बेहद अहम होगा। RBI की तरफ से कोई भी कानूनी सख्ती कंपनी के शेयर पर भारी पड़ सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.