Gaja Alternative Asset Management: हाई कोर्ट से FIR रद्द करने की याचिका खारिज, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gaja Alternative Asset Management: हाई कोर्ट से FIR रद्द करने की याचिका खारिज, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने Gaja Alternative Asset Management के शीर्ष अधिकारियों की 2022 की FIR को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। कंपनी का कहना है कि इस आदेश से उन पर कोई फाइनेंशियल लायबिलिटी नहीं आती और कामकाज सामान्य रहेगा।

हाई कोर्ट का फैसला

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने Gaja Alternative Asset Management के मैनेजिंग डायरेक्टर गोपाल जैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर इमरान जाफर के साथ-साथ Gaja Trustee Company Pvt Ltd की याचिका को खारिज कर दिया है। ये सभी FIR संख्या 0150 ऑफ 2022 को रद्द कराने की मांग कर रहे थे। कोर्ट के इस फैसले का मतलब है कि अब जांच प्रक्रिया कानून के मुताबिक आगे जारी रहेगी।

मामला क्या है?

यह पूरा कानूनी विवाद Gaja Capital India Fund-I द्वारा EuroKids International Limited में किए गए निवेश से जुड़ा है। FIR में आरोप उस समय से संबंधित हैं जब मिस्टर जैन और मिस्टर जाफर EuroKids के बोर्ड में नॉमिनी डायरेक्टर थे। हालांकि, कोर्ट का यह फैसला केवल याचिका की अस्वीकृति है, न कि आरोपों पर कोई अंतिम फैसला।

निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?

कंपनी ने 21 अगस्त, 2026 को अपने IPO प्रोस्पेक्टस में इस मामले का पहले ही खुलासा कर दिया था। इसे 'रिस्क फैक्टर्स' और 'आउटस्टैंडिंग लिटिगेशन' के तहत दर्ज किया गया था।

कंपनी मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इस कोर्ट ऑर्डर से कंपनी पर कोई फाइनेंशियल पेनल्टी या लायबिलिटी नहीं आई है। कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और कंपनी पहले की तरह अपनी फंड मैनेजमेंट और एडवाइजरी सेवाएं जारी रखेगी। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मैनेजमेंट फिलहाल विस्तृत आदेश की समीक्षा कर रहा है और ऊपरी अदालत में अपील करने का विकल्प खुला है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.