GP Petroleums: ₹130 करोड़ जुटाने की तैयारी, NCDs और OCDs के जरिए होगा फंडरेज

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AuthorAditya Rao|Published at:
GP Petroleums: ₹130 करोड़ जुटाने की तैयारी, NCDs और OCDs के जरिए होगा फंडरेज

GP Petroleums ने RevX Special Credit Opportunities Fund II को NCDs और OCDs जारी कर ₹130 करोड़ जुटाने का ऐलान किया है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल और बिजनेस विस्तार के लिए करेगी।

फंडरेजिंग की पूरी डील

GP Petroleums के बोर्ड ने ₹130 करोड़ की राशि जुटाने को मंजूरी दे दी है। इसमें ₹30 करोड़ के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) और ₹100 करोड़ के ऑप्शनली कंवर्टिबल डिबेंचर्स (OCDs) शामिल हैं। इन दोनों इंस्ट्रूमेंट्स पर 13% सालाना कूपन रेट तय किया गया है, जो मंथली कंपाउंड होगा। साथ ही, 1.50% का अपफ्रंट कूपन फीस भी देय होगी।

निवेशकों के लिए क्यों है अहम?

कंपनी प्राइवेट क्रेडिट मार्केट का सहारा लेकर अपनी वर्किंग कैपिटल और ऑपरेशन्स को मजबूती देना चाहती है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि OCDs में कंवर्जन का विकल्प है। इन्वेस्टर के पास ₹10 करोड़ या बकाया OCD का 10% हिस्सा इक्विटी शेयर्स में बदलने का अधिकार होगा, जो बाद में BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।

सुरक्षा और नियम

NCDs और OCDs को कंपनी की चल संपत्तियों पर फर्स्ट-रैंकिंग 'पारी पासु' (pari passu) चार्ज और अचल संपत्तियों पर मॉर्गेज से सुरक्षित किया गया है। रिपेमेंट सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने NCDs के लिए DSRA और OCDs के लिए ISRA अकाउंट बनाए हैं। डिफॉल्ट की स्थिति में 2% प्रति माह की पेनल्टी भी लगाई जाएगी।

आगे क्या होगा?

यह पूरा प्रोसेस शेयरधारकों की मंजूरी के बाद ही आगे बढ़ेगा, जिसके लिए जल्द ही पोस्टल बैलट (postal ballot) प्रक्रिया शुरू होगी। मौजूदा शेयरधारकों को सलाह है कि वे बैलट के नतीजों और संभावित इक्विटी डाइल्यूशन (dilution) पर करीबी नजर रखें। कंपनी की 13% की ब्याज दर को चुकाने की क्षमता आने वाले समय में बैलेंस शीट के लिए सबसे बड़ा चैलेंज साबित हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.