GMR Airports Limited ने अपने नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (NCBs) का समय से पहले भुगतान करके कर्ज को शून्य कर दिया है। कंपनी ने कुल **₹1,500 करोड़** का प्रिंसिपल अमाउंट चुकाया है, जो उनकी मजबूत फाइनेंशियल स्थिति को दर्शाता है।
कर्ज मुक्त होने की ओर बड़ा कदम
कंपनी ने अपने दो सीरीज के नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड्स का प्री-मैच्योर रिडेम्पशन पूरा कर लिया है। इसमें ₹1,100 करोड़ और ₹400 करोड़ की दो अलग-अलग सीरीज शामिल थीं। प्रिंसिपल अमाउंट के अलावा, कंपनी ने ब्याज और रिडेम्पशन प्रीमियम के तौर पर अतिरिक्त ₹168.87 करोड़ का भुगतान किया है।
यह फैसला क्यों जरूरी था?
ये बॉन्ड्स साल 2028 में मैच्योर होने वाले थे, लेकिन कंपनी ने इसे अभी चुकाकर बैलेंस शीट को हल्का कर लिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भविष्य में होने वाले भारी-भरकम ब्याज के खर्च से कंपनी को राहत मिलेगी। यह कदम कंपनी की मजबूत लिक्विडिटी और बेहतरीन कैपिटल मैनेजमेंट को साफ तौर पर दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्या बदलेगा?
अब इन बॉन्ड्स से जुड़ी देनदारी जीरो हो गई है। निवेशकों के नजरिए से यह कंपनी की वित्तीय अनुशासन (Financial Discipline) को साबित करता है। आने वाली तिमाही रिपोर्टों में अब इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।
