GMR Airports Limited ने **₹1,500 करोड़** के नॉन-कन्वर्टिबल बॉन्ड (NCBs) जारी करने की मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को चुकाने (Refinance) के लिए किया जाएगा, जिससे कंपनी का फाइनेंशियल प्रोफाइल मजबूत बना रहेगा।
बॉन्ड इश्यू की बारीकियां\n\nकंपनी ने इस ₹1,500 करोड़ के फंड जुटाने के लिए 1,50,000 बॉन्ड जारी करने का फैसला लिया है, जिनकी फेस वैल्यू ₹1 लाख प्रति बॉन्ड होगी। इन बॉन्ड्स का कार्यकाल (Tenure) 36 महीने तक का होगा और इनका कूपन रेट 5% सालाना तय किया गया है। ये बॉन्ड्स BSE के WDM सेगमेंट में लिस्ट किए जाएंगे।\n\n### रिफाइनेंसिंग से क्या बदलेगा?\n\nयह कदम कंपनी के डेट मैनेजमेंट का हिस्सा है। GMR Airports मौजूदा कर्ज को रिप्लेस करने के लिए यह नई राशि जुटा रही है, जिससे कोई अतिरिक्त लायबिलिटी नहीं बढ़ेगी। कंपनी ने साफ किया है कि उसका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग रहा है और अब तक ब्याज या मूलधन के भुगतान में कभी कोई देरी नहीं हुई है।\n\n### निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता\n\nइंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी होने के नाते GMR Airports पर कर्ज का स्तर काफी ज्यादा है। हालांकि यह कदम कंपनी की बैलेंस शीट के लिए न्यूट्रल माना जा रहा है, लेकिन भविष्य में बढ़ती ब्याज दरों और कंपनी की भुगतान क्षमता पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी है।\n\nआने वाले दिनों में इस रिफाइनेंसिंग प्रक्रिया का कंपनी की तिमाही फाइनेंशियल कॉस्ट पर क्या असर पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।