GKB Ophthalmics लिमिटेड ने अपने वित्तीय नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी ने **₹3.03 करोड़** का प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के **₹7.08 करोड़** के नुकसान से एक बड़ा सुधार है। हालांकि, कंपनी की स्टैंडअलोन (Standalone) आय में गिरावट आई है और इसकी क्रेडिट रेटिंग को 'Crisil D' में डाउनग्रेड कर दिया गया है, जो वित्तीय संकट का संकेत है।
कंसोलिडेटेड मुनाफे में बड़ी वापसी
GKB Ophthalmics ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹3.03 करोड़ (₹302.71 लाख) का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) घोषित किया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के ₹7.08 करोड़ के नुकसान से एक बड़ी रिकवरी है। कंपनी के प्रबंधन ने FY 2026-27 के लिए उत्पादन में 40% की वृद्धि और ₹36 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य रखा है, ताकि कंपनी की परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाया जा सके।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन और 'Crisil D' रेटिंग का झटका
कंसोलिडेटेड नतीजों के बावजूद, कंपनी का स्टैंडअलोन प्रदर्शन चिंताजनक बना हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में स्टैंडअलोन नेट लॉस (Standalone Net Loss) घटकर ₹3.57 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹6.11 करोड़ था। लेकिन, 26 मई 2026 को, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को 'Crisil D' पर माइग्रेट कर दिया गया है। यह रेटिंग बताती है कि कंपनी को अपने क्रेडिट सुविधाओं को लेकर गंभीर वित्तीय तनाव का सामना करना पड़ रहा है और वह अपने लोन चुकाने में मुश्किल में हो सकती है।
क्या है कंपनी की रणनीति?
बाजार के दबाव से निपटने के लिए GKB Ophthalmics कुछ अहम कदम उठा रही है। कंपनी एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty) लगाने की मांग कर रही है और अपने घरेलू ग्राहकों के आधार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य FY 2026-27 तक उत्पादन में 40% की वृद्धि और ₹36 करोड़ की बिक्री हासिल करना है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को कुछ बड़े कानूनी मामलों पर भी नजर रखनी होगी। इनमें इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल (Industrial Tribunal) से ₹8.82 करोड़ के रिकवरी ऑर्डर को चुनौती देना और ₹2.67 करोड़ के डिफरेंशियल ड्यूटी डिमांड (Differential Duty Demand) के खिलाफ अपील शामिल है। 'Crisil D' रेटिंग भी कंपनी की वित्तीय स्थिरता और लिक्विडिटी (Liquidity) के लिए एक बड़ा जोखिम प्रस्तुत करती है।
