Fredun Pharmaceuticals लिमिटेड फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में जांच के दायरे में आ गई है। CARE Ratings ने कंपनी द्वारा जुटाए गए फंड के उपयोग में गंभीर विसंगतियों का खुलासा किया है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
फंड के इस्तेमाल पर उठे सवाल
CARE Ratings ने 14 अगस्त 2026 को जारी अपनी रिपोर्ट में बताया कि Fredun Pharmaceuticals ने जुटाए गए ₹111.53 करोड़ में से ₹79.80 करोड़ का ही इस्तेमाल किया है, जबकि ₹31.73 करोड़ अभी भी अप्रयुक्त (unutilized) हैं। यह कंपनी और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा बताए गए आंकड़ों से काफी अलग है, जिनके अनुसार ₹77.15 करोड़ का उपयोग किया गया और ₹21.47 करोड़ अप्रयुक्त रहे।
क्या है मुख्य विसंगतियां?
रेटिंग एजेंसी ने ₹13.21 करोड़ के ऐसे खर्चों को चिन्हित किया है जिनका उल्लेख ऑफर डॉक्यूमेंट में स्पष्ट रूप से नहीं था। इन खर्चों में लोन की EMI, फ्लैट की खरीद, फंड जुटाने का खर्च, CSR एक्टिविटीज, टैक्स और PF भुगतान शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.50 करोड़ के R&D खर्च के लिए एजेंसी को पर्याप्त दस्तावेज नहीं मिले।
निवेशकों पर असर
फंड के उपयोग में इस तरह की विसंगतियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं। यह कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता और फंड जुटाने के घोषित उद्देश्यों के पालन पर सवाल खड़े करती हैं। कंपनी और निगरानी एजेंसी के बीच खर्चों के वर्गीकरण को लेकर अलग-अलग राय और दस्तावेजों की कमी निवेशकों का ध्यान खींच रही है।
कंपनी का पक्ष
Fredun Pharmaceuticals ने इन खर्चों को 'Capex' या 'Strategic & Statutory Reserves' जैसी बड़ी श्रेणियों में शामिल करने का तर्क देते हुए स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी फिलहाल अपने आंकड़ों को अपने स्टैच्यूटरी ऑडिटर के साथ मिला रही है।
आगे क्या?
निवेशक अब कंपनी और ऑडिटर के बीच तालमेल और भविष्य की खुलासों पर कड़ी नजर रखेंगे। खर्चों के वर्गीकरण पर चल रहा विवाद, कंपनी और निगरानी एजेंसी के बीच रिपोर्टिंग में एकरूपता की आवश्यकता, और विशेष रूप से R&D खर्च के लिए दस्तावेजों की कमी मुख्य जोखिम हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
