Five-Star Business Finance: FY26 में **₹1,098** करोड़ का मुनाफा, AUM में भी उछाल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Five-Star Business Finance: FY26 में **₹1,098** करोड़ का मुनाफा, AUM में भी उछाल

Five-Star Business Finance ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Profit After Tax) **₹1,098.75 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर **₹13,224.65 करोड़** हो गई है। मुश्किलों के बावजूद कंपनी डिविडेंड देने और कर्ज बढ़ाने की योजना बना रही है।

Five-Star Business Finance FY26 नतीजे: मुनाफे में मामूली बढ़ोतरी, NPAs में इजाफा

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹1,098.75 करोड़
कुल रेवेन्यू: ₹3,245.97 करोड़

निवेशकों के लिए खास: मुनाफा मामूली बढ़ा है, लेकिन बढ़ते NPA निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का सबब हैं।

क्या हुआ?

Five-Star Business Finance Ltd ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष (FY26) के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹1,098.75 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹1,072.49 करोड़ से थोड़ा ज्यादा है। FY26 में कुल रेवेन्यू ₹3,245.97 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹2,866.02 करोड़ से 13.3% ज्यादा है। कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 11.3% बढ़कर ₹13,224.65 करोड़ हो गई है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

वित्तीय सेवा क्षेत्र में अत्यधिक कर्ज जैसी चुनौतियों के बावजूद, Five-Star Business Finance ने मुनाफे को बनाए रखने और अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है। हालांकि, संपत्ति की गुणवत्ता (asset quality) में वृद्धि, खासकर ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) में बढ़ोतरी, एक चिंता का विषय है। भविष्य के प्रदर्शन के लिए इन NPAs का प्रबंधन कितना प्रभावी होगा, यह महत्वपूर्ण होगा।

अब तक की कहानी

FY25 में, Five-Star Business Finance ने ₹1,072.49 करोड़ का PAT और ₹2,866.02 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। उस समय, इसका ग्रॉस NPA 1.79% था। कंपनी ने तब अपने कर्ज की लागत (borrowing costs) को प्रबंधित करने पर ध्यान केंद्रित किया था, जो कि 9.46% थी।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति शेयर ₹2 का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी अपनी कर्ज सीमा को बढ़ाकर ₹13,000 करोड़ करने का प्रस्ताव कर रही है और बिजनेस विस्तार के लिए ₹5,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने की योजना बना रही है। मैसर्स सूरी एंड कंपनी को FY27-FY29 के लिए ज्वाइंट स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया गया है।

जोखिम जिन पर नजर रखें

मुख्य चिंता संपत्ति की गुणवत्ता में गिरावट है, जिसमें ग्रॉस NPA बढ़कर 3.37% और नेट NPA 2.00% हो गया है। कंपनी इसका कारण इंडस्ट्री-व्यापी तनाव (industry-wide stress) बता रही है, लेकिन उसने आक्रामक राइट-ऑफ का सहारा नहीं लिया है। कलेक्शन एफिशिएंसी और रिकवरी में सुधार महत्वपूर्ण बना हुआ है।

साथियों से तुलना

हालांकि फाइलिंग में साथियों (peers) का विशिष्ट डेटा प्रदान नहीं किया गया है, NPAs में वृद्धि को इंडस्ट्री-व्यापी रुझान के रूप में नोट किया गया है, जिससे पता चलता है कि समान सेगमेंट के अन्य ऋणदाताओं को भी संपत्ति की गुणवत्ता के दबाव का सामना करना पड़ सकता है।

संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)

  • इंक्रीमेंटल बॉरोइंग कॉस्ट: FY26 में 8.50% तक 96 बेसिस पॉइंट कम हुई, जो FY25 में 9.46% थी।
  • डिजिटल कलेक्शन्स: मार्च 2026 में 84% तक काफी सुधरी, जो मार्च 2024 में 53% थी।
  • ब्रांच नेटवर्क: 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 844 ब्रांच हो गईं, जो पिछले साल 748 थीं।
  • कैपिटल एडिक्वेसी: 51.89% पर मजबूत बनी हुई है, जो RBI के अनिवार्य मानक से काफी ऊपर है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को कंपनी की NPA को बेहतर बनाने की कोशिशों, खासकर बेहतर कलेक्शन और रिकवरी के प्रयासों की निगरानी करनी चाहिए। नए ऑडिटर्स और मैनेजमेंट की संपत्ति की गुणवत्ता संबंधी मुद्दों को हल करने की प्रभावशीलता आने वाले वित्तीय वर्ष में एक प्रमुख फोकस रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.