Five-Star Business Finance ने Q2 FY27 में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी ने **₹2,078 करोड़** का डिस्बर्समेंट किया है, जो सालाना आधार पर **74%** की उछाल है। साथ ही, बेहतर कलेक्शन एफिशिएंसी (**98.2%**) के दम पर कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹299 करोड़** पर पहुंच गया है।
रिकॉर्ड ग्रोथ की कहानी
Five-Star Business Finance ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार तेजी दिखाई है। कंपनी का कुल डिस्बर्समेंट ₹2,078 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। अगर पिछली तिमाही से तुलना करें तो इसमें 39% की ग्रोथ है और पिछले साल के मुकाबले यह 74% अधिक है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 6.7% बढ़कर ₹14,640 करोड़ हो गया है। कंपनी के मुनाफे में ₹19 करोड़ का वन-टाइम टैक्स बेनिफिट भी शामिल है, लेकिन कोर प्रॉफिट में भी 3% की क्रमिक बढ़ोतरी देखी गई है।
एसेट क्वालिटी और ऑपरेशनल मजबूती
बाजार की चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने एसेट क्वालिटी के मानकों को संभाल कर रखा है। कंपनी की कलेक्शन एफिशिएंसी पिछले क्वार्टर के 97.7% से सुधरकर 98.2% हो गई है। इसके अलावा, 30+ DPD (डेज पास्ट ड्यू) का आंकड़ा 12.38% से गिरकर 11.5% पर आ गया है। नेटवर्क विस्तार की बात करें तो कंपनी ने इस तिमाही में 19 नई ब्रांच खोली हैं।
चिंता और सावधानी
निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि मैनेजमेंट ने बढ़ते हुए बॉरोइंग कॉस्ट (Borrowing Costs) के चलते मार्जिन दबाव की चेतावनी दी है। कंपनी को 20-25 बेसिस पॉइंट्स तक लागत बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, मैनेजमेंट इस भार को ग्राहकों पर डालने के लिए यील्ड (Yield) में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है, लेकिन बढ़ते मार्जिन दबाव पर नजर रखना जरूरी है। इसके साथ ही ग्रॉस स्टेज-3 एसेट्स 3.48% पर स्थिर हैं, जो थोड़े 'स्टिकी' बने हुए हैं, यानी NPA लेवल में बड़ा सुधार आने में अभी वक्त लग सकता है।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली यील्ड हाइक का असर नए लोन वितरण पर कैसा रहता है। कंपनी की लंबे समय की सेहत इस बात पर निर्भर करेगी कि वे बढ़ते पोर्टफोलियो के साथ अपनी कलेक्शन एफिशिएंसी को कैसे बनाए रखते हैं।
